हो गया कन्फर्म! ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में ये नेता करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व, देखिए पूरी लिस्ट
विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस समारोह के लिए उनके ईरान दौरे की पुष्टि कर दी है।
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बिहार के गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस समारोह के लिए उनके ईरान दौरे की पुष्टि कर दी है।
हसनैन और मार्गेरिटा का दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान में राजकीय अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा।
4 से 9 जुलाई तक का पूरा शेड्यूल
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार 4 से 9 जुलाई के बीच ईरान के कई शहरों में होगा। खामेनेई का पार्थिव शरीर 4 और 5 जुलाई को तेहरान के ग्रैंड मोसाला कॉम्प्लेक्स में लोगों के दर्शन के लिए रखा जाएगा। 6 जुलाई को तेहरान में अंतिम संस्कार का जुलूस निकाला जाएगा। अधिकारियों ने इस दिन प्रांत में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। उन्हें 9 जुलाई को उनके जन्मस्थान मशहद में अंतिम रूप से दफनाया जाएगा।
MEA को पिछले सप्ताह अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण मिला था। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया गया था, लेकिन भारत ने इसके बजाय एक प्रतिनिधिमंडल भेजने का निर्णय लिया, क्योंकि प्रधानमंत्री का 6 से 11 जुलाई तक पूर्वी एशिया और ओशिनिया का दौरा पहले से तय है।
युद्ध के पहले दिन मारे गए थे खामेनेई
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के पहले दिन, 28 फरवरी 2026 को अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे। 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के दौरान अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों में उनके घर को निशाना बनाया गया, जिसमें उनकी मौत हो गई। हमले के बाद सैटेलाइट से ली गई एक तस्वीर में ईरानी नेता के परिसर से काले धुएं का घना गुबार उठता हुआ दिखाई दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि खामेनेई अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और उनके बेहद एडवांस्ड ट्रैकिंग सिस्टम से बच नहीं पाए। बताया जाता है कि हवाई हमले के बाद उनका घर ढह गया और मलबे में उनका शव मिला।
महबूबा मुफ्ती को भी न्योता
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती को भी ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई के ऑफिस से आधिकारिक निमंत्रण मिला है। यह न्योता उन्हें पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम विदाई में शामिल होने के लिए दिया गया है। कूटनीतिक सूत्रों के मुताबिक, ईरान के सुप्रीम लीडर ऑफिस के अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग की तरफ से यह चिट्ठी भेजी गई, जिसमें महबूबा को भारत की एक स्पेशल गेस्ट के तौर पर तेहरान बुलाया गया है।
महबूबा ने इस बुलावे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके लिए यह एक बड़ा सम्मान और जीवन में एक बार मिलने वाला मौका है। उन्होंने कहा कि वे तेहरान जाकर सुप्रीम लीडर को अपनी अंतिम श्रद्धांजलि देंगी। गौरतलब है कि जब से ईरान-इजरायल तनाव अपने चरम पर पहुंचा, महबूबा लगातार ईरान के समर्थन में खुलकर बोलती रहीं और अमेरिका-इजरायल की नीतियों की तीखी आलोचना करती रहीं।
Published By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 2 July 2026 at 18:09 IST