'राहुल गांधी अराजक राजनीति कर रहे हैं, यह 'वंदे मातरम्' मुद्दे से ध्यान हटाने की कोशिश है', संसद मार्ग थाने पर प्रदर्शन को लेकर BJP का हमला
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस वंदे मातरम विवाद से ध्यान भटकाने के लिए 'अराजकता की राजनीति' कर रही है। यह टिप्पणी राहुल गांधी द्वारा नई दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर दिए गए धरने के बाद आई।
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भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से 'अराजकता की पार्टी' बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वंदे मातरम विवाद पर अपने रुख के कारण घिर चुकी है और जनता का ध्यान भटकाने के लिए प्रतिस्पर्धा की राजनीति कर रही है।
संसद मार्ग थाने के बाहर राहुल गांधी का धरना
भाजपा सांसद की यह टिप्पणी राहुल गांधी द्वारा राष्ट्रीय राजधानी के संसद मार्ग पुलिस थाने के बाहर दिए गए विरोध प्रदर्शन के बाद आई है। राहुल गांधी 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन की चोट के शिकार हुए युवक साहिल लोचाब के साथ थाने पहुंचे थे। राहुल गांधी मांग कर रहे थे कि इस मामले में दिल्ली पुलिस तुरंत एफआईआर दर्ज करे। रविशंकर प्रसाद ने इस कदम की आलोचना करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि राहुल गांधी बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के थाने में धरने पर बैठ गए, जो कानून और व्यवस्था का उल्लंघन है।
सुप्रीम कोर्ट की समिति और भाजपा का पलटवार
रविशंकर प्रसाद ने मीडिया को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि जिस घटना का हवाला कांग्रेस नेता दे रहे हैं, उस पर पुलिस पहले ही कार्रवाई कर चुकी है और मामला दर्ज है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन भी किया है।प्रसाद ने सवाल उठाया, 'राहुल गांधी, क्या आप देश के कानून और न्यायपालिका का सम्मान नहीं करना चाहते?' उन्होंने कहा कि वंदे मातरम पर कांग्रेस की जो स्थिति बनी है, उससे बैकफुट पर आई पार्टी अब ध्यान भटकाने के लिए ऐसे राजनीतिक हथकंडे अपना रही है।
राहुल गांधी का गृह मंत्री पर सीधा निशाना
थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी ने लिखा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र पर पैलेट गन का इस्तेमाल करना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि एक गंभीर अपराध है। साहिल लोचाब की एक आंख की रोशनी इस क्रूरता के कारण खतरे में है। जब पीड़ित एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश कर रहा है, तो उसे रोका जा रहा है, जो संवैधानिक अधिकारों का हनन है। अमित शाह जी न्याय से डर रहे हैं और उनका यह डर अपराध की स्वीकारोक्ति है। राहुल गांधी ने आश्वासन दिया कि इस मामले में ऊपर से लेकर नीचे तक के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराने तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
कांग्रेस का जमावड़ा और प्रक्रियागत देरी का दावा
इस प्रदर्शन में राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश, सलमान खुर्शीद, कुमारी शैलजा और देवेंद्र यादव समेत कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि राहुल गांधी तब तक धरने पर रहेंगे जब तक मामला दर्ज नहीं हो जाता। सूत्रों के अनुसार, साहिल लोचाब ने 14 अगस्त को पुलिस में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन उन्हें कोई आई/ओ नंबर नहीं दिया गया। 17 अगस्त को दोबारा शिकायत भेजने के बाद भी जब कार्रवाई नहीं हुई, तब राहुल गांधी खुद डीसीपी कार्यालय और बाद में संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे।
इससे पहले 29 जुलाई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने दावा किया था कि NEET पेपर लीक और अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। कांग्रेस का आरोप है कि दिल्ली पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्रालय शांतिपूर्ण छात्रों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग कर रहे हैं, जिसका जवाब सरकार को देना होगा।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 21 August 2026 at 16:20 IST