अपडेटेड 28 January 2026 at 16:23 IST
अजित पवार की मौत से ताजा हुई पुरानी यादें, संजय गांधी से माधवराव सिंधिया तक, इन नेताओं ने भी विमान हादसे में गंवाई जान
भारतीय राजनीति में कई बड़े नेताओं की जान विमान और हेलीकॉप्टर हादसों में गई है। संजय गांधी (1980), माधवराव सिंधिया (2001), वाई.एस. राजशेखर रेड्डी (2009), विजय रूपाणी (2025) और हाल ही में अजित पवार (2026) जैसे दिग्गजों की मौत ने देश को झकझोरा। खराब मौसम, तकनीकी खराबी और पायलट त्रुटि मुख्य कारण रहे।
महाराष्ट्र की राजनीति का एक ऐसा चेहरा चला गया, जिसे हर कोई ‘दादा’ के नाम से जानता था। अजित पवार सिर्फ नेता नहीं, बल्कि उस युग का प्रतीक थे, जिसने राज्य की राजनीति को दिशा दी। आज उनका जाना सिर्फ परिवार और पार्टी के लिए नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र और देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
भारत में कई प्रमुख राजनीतिक नेताओं की मौत विमान या हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं में हुई है। ये हादसे न सिर्फ व्यक्तिगत स्तर पर दुखद रहे हैं, बल्कि उन्होंने राजनीतिक परिदृश्य को भी प्रभावित किया। भारतीय इतिहास में कई ऐसे विमान हादसे दर्ज हैं, जिसमें देश के बड़े नेताओं की मौत हो गई।
संजय गांधी (23 जून, 1980)
कांग्रेस नेता और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी (Sanjay Gandhi) की मौत दिल्ली के सफदरजंग एयरपोर्ट के पास एक छोटे विमान (Pitts S-2A) के क्रैश में हुई। वे खुद विमान उड़ा रहे थे और एरोबैटिक्स (हवाई करतब) कर रहे थे। विमान नियंत्रण से बाहर हो गया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उनकी उम्र मात्र 33 साल थी।
माधवराव सिंधिया (30, सितंबर 2001)
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और ग्वालियर राजघराने के उत्तराधिकारी माधवराव सिंधिया (Madhavrao Scindia) की मौत उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के पास एक निजी सेसना विमान के क्रैश में हुई थी। वे कानपुर में एक राजनीतिक रैली के लिए जा रहे थे। खराब मौसम और तकनीकी खराबी को हादसे का मुख्य कारण माना गया था। सिंधिया पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री भी रह चुके थे। उनकी मौत ने कांग्रेस और मध्य प्रदेश की राजनीति पर गहरा असर डाला।
जी.एम.सी. बालयोगी (3 मार्च 2002)
लोकसभा के स्पीकर और तेलुगु देशम पार्टी के नेता जी.एम.सी. बालयोगी (G. M. C. Balayogi) की मौत आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई थी। वे भीमावरम से लौट रहे थे, जब हेलीकॉप्टर एक तालाब में जा गिरा। इस हादसे में पायलट सहित अन्य लोग भी मारे गए। बालयोगी लोकसभा के पहले दलित स्पीकर थे।
वाई.एस. राजशेखर रेड्डी (2 सितंबर 2009)
आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी (Y. S. Rajasekhara Reddy) की मौत नल्लामला जंगलों में बेल 430 हेलीकॉप्टर के क्रैश में हुई थी। खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उनकी मौत के बाद आंध्र प्रदेश में बड़े पैमाने पर शोक और राजनीतिक उथल-पुथल मची।
विजय रूपाणी (12 जून 2025)
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी (Vijay Rupani ) की मौत अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया फ्लाइट के क्रैश में हुई थी। विमान उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें 241 यात्रियों की मौत हुई। इस हादसे में विमान में सवार केवल एक व्यक्ति बच पाया। रूपाणी परिवार से मिलने जा रहे थे। यह हादसा हाल के वर्षों का सबसे बड़ा विमान हादसा था।
अजित पवार (28 जनवरी 2026)
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख नेता अजित पवार (Ajit Pawar) की मौत पुणे के बारामती में एक चार्टर्ड विमान (लर्नजेट 45) के क्रैश में हुई। विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौत हो गई।
इसके अलावा 1965 में गुजरात के पहले मुख्यमंत्री बलवंतराय मेहता की मौत भारत-पाक युद्ध के दौरान कच्छ में हवाई सर्वेक्षण के दौरान विमान क्रैश में हुई थी। हरियाणा के मंत्री ओम प्रकाश जिंदल और सुरेंद्र सिंह की मौत 2005 में दिल्ली-चंडीगढ़ हेलीकॉप्टर क्रैश में हुई। 2011 में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री डोरजी खांडू की मौत भी हेलीकॉप्टर क्रैश में हुई थी। 4 दिनों तक उनका हेलिकॉप्टर लापता था। पांचवें दिन खोजी दल को दुर्घटनाग्रस्त विमान का मलबा मिला और 5 शव बरमाद हुए।
ये हादसे बताते हैं कि हवाई यात्रा कितनी जोखिम भरी हो सकती है, खासकर खराब मौसम, तकनीकी खराबी या पायलट त्रुटि के कारण। इन घटनाओं ने न सिर्फ परिवारों को तोड़ा, बल्कि राज्यों और राष्ट्रीय राजनीति की दिशा भी बदली।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 28 January 2026 at 16:23 IST