TCS Nashik Conversion: हिंदू लड़कियों का ब्रेनवॉश, फिर हिजाब-नमाज पढ़ने का दबाव और करियर बर्बाद की धमकी... 'लेडी कैप्टन' का यूं चलता था गंदा खेल?
महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की बीपीओ यूनिट में कथित यौन उत्पीड़न, जबरन धर्मांतरण और कार्यस्थल पर महिलाओं के शोषण का चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की बीपीओ यूनिट में कथित यौन उत्पीड़न, जबरन धर्मांतरण और कार्यस्थल पर महिलाओं के शोषण का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस की 40 दिनों की गुप्त जांच के बाद अब तक 9 FIR दर्ज हो चुकी हैं, जिसमें छह टीम लीडर्स और एचआर विभाग की अधिकारी समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हो गई है।
इस पूरे प्रकरण में निदा खान, जो नासिक यूनिट की मानव संसाधन (एचआर) मैनेजर थीं, इसको मुख्य आरोपी बताया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे मामले में महिलाओं को खास तौर पर टारगेट किया गया। आरोप है कि साड़ी पहनने वाली या पारंपरिक जीवनशैली अपनाने वाली लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट समझकर चुना जाता था।
इन युवतियों को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप भी सामने आए हैं। पूर्व कर्मचारी के अनुसार, आरोपी काम खत्म होने के बाद भी ऑफिस में रुकते थे और वहां गुप्त तरीके से कुछ गतिविधियां संचालित करते थे। इस जानकारी के बाद SIT अब यह जांच कर रही है कि क्या कंपनी परिसर का इस्तेमाल किसी बड़े नेटवर्क के लिए किया जा रहा था।
हिजाब-नमाज पढ़ने का दबाव और करियर बर्बाद की धमकी
बताया जा रहा है कि पहले पीड़ितों के धर्म की आलोचना की जाती थी और फिर दूसरे धर्म को बेहतर बताने की कोशिश होती थी। इसके बाद लड़कियों को उस धर्म के रीति-रिवाज अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता था। इसमें नमाज पढ़ने से लेकर खास तरह के कपड़े पहनने तक की बातें शामिल थीं।
हिंदू महिलाओं से शादी करने को कहा जाता था
दफ्तर में आरोपियों से हिंदू महिलाओं से शादी करने के लिए कहा जाता था, ये दावा एक प्रत्यक्षदर्शी ने किया है। टीसीएस के नासिक ऑफिस में एक कॉन्ट्रैक्चुअल वर्कर ने बताया, "वे कहते थे, 'हिंदू लड़कियों को अपनी गर्लफ्रेंड बनाओ और उनसे शादी करो।' वे लोग धर्म बदलने के लिए कहते थे और अपने धर्म के बारे में बातें करते थे। इसके लिए उनको पैसे भी दिए जाते थे। यह सिलसिला 2021 से चल रहा था। इसके लिए एचआर मैडम को भी पैसा दिया जाता था।
अब क्या आगे?
नासिक बीपीओ केस अभी पूरी तरह खुला नहीं है। हर दिन जांच में नई जानकारी सामने आ रही है। एसआईटी अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या शिकायतों को लंबे समय तक दबाया गया और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी। फिलहाल, इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी बनी हुई हैं निदा खान, जिनकी भूमिका तय करेगी कि यह सिर्फ लापरवाही थी या कुछ और बड़ा।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 15 April 2026 at 15:16 IST