Tarun Tejpal Surrenders: रेप मामले में तरुण तेजपाल फिर सलाखों के पीछे, गोवा कोर्ट में किया सरेंडर, सुप्रीम कोर्ट ने दिया था 3 हफ्ते का समय
तहलका मैगजीन के पूर्व एडिटर इन चीफ तरुण तेजपाल ने सोमवार को गोवा की अदालत के सामने सरेंडर कर दिया। उन्हें 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है।
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तहलका मैगजीन के पूर्व एडिटर इन चीफ तरुण तेजपाल ने सोमवार को गोवा की अदालत के सामने सरेंडर कर दिया। उन्हें 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। सरेंडर के बाद उन्हें उत्तर गोवा के कोलवाले सेंट्रल जेल भेज दिया गया। तेजपाल को अब हाई कोर्ट से मिली सजा के तहत जेल में रहना होगा।
25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें तीन हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने सरेंडर से छूट देने की उनकी मांग भी खारिज कर दी थी। यह मामला नवंबर 2013 का है, जब गोवा में पत्रिका की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान होटल की लिफ्ट में जूनियर महिला सहकर्मी के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा था। शिकायत के बाद गोवा पुलिस ने उनके खिलाफ दुष्कर्म समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया था। नवंबर 2013 में तरुण तेजपाल को गिरफ्तार किया गया था।
कोर्ट से निकलते हुए क्या बोले तेजपाल?
मैपुसा स्थित अतिरिक्त सत्र अदालत में सरेंडर करने के बाद तेजपाल को जेल भेज दिया गया। कोर्ट परिसर से निकलते समय उन्होंने कहा कि वो हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उसने भरोसा जताया कि शीर्ष अदालत से उसे न्याय मिलेगा।
ये मामला अब सुप्रीम कोर्ट में तेजपाल की दोषसिद्धि और 10 साल की सजा को चुनौती देने वाली अपील के साथ आगे बढ़ेगा। दूसरी तरफ गोवा सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सरकार हाईकोर्ट की तरफ से सुनाई गई सजा को बढ़ाकर उम्रकैद करने की मांग कर रही है। हालांकि, राज्य सरकार ने तेजपाल को दोषी ठहराए जाने वाले हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती नहीं दी है।
पहले निचली कोर्ट ने किया था बरी
2021 में गोवा की सत्र अदालत ने तेजपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया था। इसके बाद गोवा सरकार ने इस फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने 6 अगस्त को निचली अदालत का फैसला पलट दिया।
हाईकोर्ट ने तेजपाल को रेप और यौन उत्पीड़न से जुड़े आरोपों में दोषी माना और उन्हें 10 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई। अलग-अलग अपराधों के लिए सुनाई गई सजाएं एक साथ चलने के कारण उनकी अधिकतम सजा 10 साल ही है।
फैसला सुनाए जाने के दौरान तेजपाल अदालत में मौजूद थे। उन्होंने अपनी उम्र, परिवार और पहले जेल में बिताए समय का हवाला देते हुए अदालत से नरमी बरतने की अपील की थी। फैसले के बाद उन्होंने खुद को राजनीतिक पीड़ित बताया था और कहा था कि वह सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे। अब इस मामले में अगली बड़ी सुनवाई 22 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में होनी है, जहां तेजपाल की दोषसिद्धि और सजा के खिलाफ उनकी अपील पर सुनवाई होगी।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 14 September 2026 at 16:33 IST