अपडेटेड 23 February 2026 at 23:09 IST

Airline Fare Hike: त्योहार आते ही इतनी महंगी क्यों हो जाती है फ्लाइट की टिकट? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से 4 हफ्ते में मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने त्योहारों में हवाई टिकटों की भारी बढ़ोतरी पर चिंता जताई है, इसको लेकर केंद्र से 4 हफ्ते में जवाब मांगा गया है। दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि एयरलाइंस के टिकटों के दाम इतने बढ़ जाते हैं कि हवाई सफर आम आदमी की पहुंच से दूर हो जाता है। जानें क्या है पूरा मामला?

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सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता, त्योहारों में हवाई टिकट क्यों इतने महंगे? | Image: ANI, Republic

Supreme Court on Air Ticket Prices: त्योहारों और छुट्टियों के दौरान हवाई टिकटों की कीमतों में अचानक भारी बढ़ोतरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि यह मामला बहुत गंभीर है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को 4 हफ्ते के अंदर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश भी दिया है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि निजी एयरलाइंस डायनामिक प्राइसिंग के नाम पर मनमाना किराया वसूल रही हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि हवाई यात्रा अब लग्जरी नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए जरूरी सेवा बन गई है। लेकिन महंगे टिकटों के कारण यह आम आदमी की पहुंच से दूर हो रही है। याचिका में कहा गया है कि हवाई सेवा 'एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट' के दायरे में आती है,  लेकिन डायनामिक किराए के नाम पर लोगों से पैसा वसूला जा रहा है।

कोर्ट ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट में अब इस मामले पर अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि त्योहारों, छुट्टियों और आपात स्थिति में किराए में अचानक उछाल और एक्स्ट्रा चार्ज लगाना गंभीर चिंता का विषय है। बेंच ने इसे विचार करने लायक बताया। केंद्र सरकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि इस मुद्दे पर उच्च स्तर पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।

याचिका में मांग की गई है कि केंद्र सरकार और DGCA मिलकर एयरफेयर पर बाइंडिंग नियम बनाएं। इसमें सरचार्ज प्राइसिंग पर कैप, बैगेज और एक्स्ट्रा चार्ज की नियंत्रण, कैंसिलेशन और रिफंड के स्पष्ट नियम शामिल हैं।

त्योहारी सीजन में एयरलाइन उठाती हैं फायदा 

यह कोई नई बात नहीं है कि दीपावली, छठ, होली, दुर्गा पूजा जैसे त्योहारों में टिकटें आसमान छूने लगती हैं। सामान्य किराया 4-5 हजार रुपये का होता है, लेकिन पीक टाइम में यह 30 हजार रुपये तक पहुंच जाता है। आपदा या बड़े आयोजनों को भी अवसर के रूप में देखा जाता है। एयरलाइंस इसे मौका मानकर किराया बढ़ा देती हैं। अब होली नजदीक है और स्कूल की छुट्टियां भी शुरू होने वाली हैं। ऐसे में यात्रियों को महंगे टिकट खरीदने पड़ते हैं। कई बार घर जाने के लिए मजबूरी में ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं। सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी यात्रियों के हित में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह मामला लाखों यात्रियों से जुड़ा है। 

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Published By : Nidhi Mudgill

पब्लिश्ड 23 February 2026 at 23:09 IST