Shigella Infection: केरल में शिगेला बीमारी की दस्तक से हड़कंप, 4 साल के बच्चे की मौत, अबतक 126 लोग संक्रमित; जानिए लक्षण और बचाव

केरल में हाल ही में कोझिकोड में चार साल के बच्चे की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने शिगेलोसिस (शिगेला संक्रमण) के संबंध में आगाह किया है।

 
Follow :
Shigella | Image: hms.harvard.edu

केरल में हाल ही में कोझिकोड में चार साल के बच्चे की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने शिगेलोसिस (शिगेला संक्रमण) के संबंध में आगाह किया है। राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों ने निगरानी तेज कर दी है और लोगों से साफ-सफाई के कड़े नियमों का पालन करने का अनुरोध किया है ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके।

आपको बता दें कि शिगेला एक बैक्टीरियल संक्रमण है जो मुख्य रूप से आंतों को प्रभावित करता है। इसके आम लक्षणों में दस्त, पेट में ऐंठन, बुखार, जी मिचलाना और उल्टी शामिल हैं। कुछ मामलों में मरीज को खूनी दस्त और गंभीर डिहाइड्रेशन भी हो सकता है, जो खतरनाक साबित हो सकता है और तुरंत चिकित्सकीय सहायता की जरूरत पड़ती है।

कौन सबसे ज्यादा जोखिम में है?

डॉक्टरों का कहना है कि पांच साल से कम उम्र के बच्चे सबसे संवेदनशील होते हैं। छोटे बच्चों का इम्यून सिस्टम अभी विकसित हो रहा होता है इसलिए वे संक्रमण और तेज डिहाइड्रेशन के प्रति ज्यादा कमजोर होते हैं। बुज़ुर्ग, गर्भवती महिलाएं, डायबिटीज या किडनी जैसी पुरानी बीमारियों वाले लोग और इम्यूनो-सप्रेसिव दवाएं लेने वाले मरीज भी गंभीर परिणाम झेल सकते हैं।

डिहाइड्रेशन क्यों खतरनाक है?

शिगेला से दस्त और उल्टी के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे चक्कर, कमजोरी, कम ब्लड प्रेशर और गंभीर मामलों में अंगों के सही तरीके से काम न करने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर बुखार लगातार बढ़े, मल में खून दिखे, पेशाब कम हो या मरीज में उलझन जैसी हालत हो तो तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए।

इसे फैलने से कैसे रोका जाए?

  • साबुन और पानी से नियमित और सही तरीके से हाथ धोना, खासकर खाना खाने से पहले और टॉयलेट के बाद।
  • साफ और सुरक्षित या उबला हुआ पानी पीना।
  • ताजा और अच्छी तरह पका हुआ खाना खाएं; खुला या संदिग्ध भोजन न खाएं।
  • फल और सब्जियों को खाने से पहले अच्छी तरह धोएं।
  • घर और आसपास की साफ-सफाई बनाए रखें।
  • संक्रमित लोगों से संपर्क से बचें और अगर किसी को दस्त और बुखार हो तो डॉक्टर से दिखाएं।

अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश

राज्य स्वास्थ्य विभाग ने संभावित मामलों की रिपोर्टिंग और परीक्षण बढ़ा दिए हैं। अधिकारियों ने अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं और समुदाय में जागरूकता अभियान तेज करने की बात कही है। स्थानीय अस्पतालों में शिगेला के संदिग्ध रोगियों के इलाज और डिहाइड्रेशन को रोकने के लिए ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) और आवश्यक मेडिकल सपोर्ट उपलब्ध रखने का आग्रह किया गया है।

ये भी पढ़ेंः ममता की पार्टी में बड़ी टूट, करीब 20 TMC सांसदों ने बोला- हम NDA को...

Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 8 June 2026 at 17:54 IST