अपडेटेड 1 February 2026 at 08:32 IST
आंतें लाल, हरे नाखून, आश्रम के बाहर अस्थालाइन की बोतल और चीख...साध्वी प्रेम बाईसा की मौत में जहर का एंगल; चश्मदीद ने बताया पूरा सच
राजस्थान के जोधपुर में हुई कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की गुत्थी उलझती जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के स्पष्ट कारणों (Cause of Death) का खुलासा नहीं होने के बाद अब विसरा सुरक्षित किया गया है।
Sadhvi Prem Baisa: राजस्थान के जोधपुर में हुई कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की गुत्थी उलझती जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के स्पष्ट कारणों (Cause of Death) का खुलासा नहीं होने के बाद अब विसरा सुरक्षित किया गया है। वहीं अब पुलिस की जांच मेडिकल रिपोर्ट और मौके से मिले साक्ष्यों पर टिक गई है। मेडिकल सूत्रों से मिली जानकारी ने इस मामले में 'जहर' की आशंका और दवाओं के गलत इस्तेमाल के एंगल को हवा दे दी है।
पोस्टमार्टम के दौरान मेडिकल टीम को साध्वी की छोटी और बड़ी आंतें पूरी तरह लाल मिली हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर में जहर जाने की स्थिति में अक्सर आंतें इस तरह की प्रतिक्रिया देती हैं। एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि शरीर में कोई विषाक्त पदार्थ था या नहीं। आपको बता दें कि साध्वी प्रेम बाईसा की बीते 28 जनवरी को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृत्यु से कुछ देर पहले ही उन्हें इंजेक्शन लगाया गया था।
डेक्सोना इंजेक्शन और हरे पड़ चुके नाखून
कंपाउंडर देवी सिंह ने पुलिस को बताया है कि साध्वी प्रेम बाईसा पहले भी कई बार डेक्सोना इंजेक्शन ले चुकी थीं। डेक्सोना एक स्टेरॉयड दवा है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर अस्थमा के मरीजों में किया जाता है। यह फेफड़ों की सूजन को कम करता है और सांस की नलियों को खुलने में मदद करता है। हालांकि मेडिकल जानकारों का कहना है कि डेक्सोना की अधिक मात्रा शरीर के लिए घातक भी साबित हो सकती है।
जानकारी के अनुसार कंपाउंडर देवी सिंह साध्वी के पिता वीरम नाथ को पहले से जानता था। वहीं दावा यह भी किया जा रहा है कि देवी ने साध्वी को कई बार इंजेक्शन लगाए थे जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। जब साध्वी प्रेम बाईसा को परिक्षा अस्पताल ले जाया जा रहा था, तब वाहन में उनके साथ सुरेश नाम का एक व्यक्ति मौजूद था, जिसने उन्हें CPR दिया।
शनिवार को एसआईटी ने बोरानाडा स्थित आरती नगर आश्रम में मौजूद रहे सुरेश से पूछताछ की। सुरेश ने बताया कि साध्वी प्रेम बाईसा के नाखून हरे हो गए थे।
सुरेश ने SIT को क्या बताया
सुरेश ने बताया, 'बाईसा मंगलवार रात को अजमेर से आई थी। सुबह उठी तो गला खराब था। उन्होंने गला साफ करने के लिए गरारे भी किए थे। मुझे बाईसा के पिता ने कहा खाना बना दो। दोपहर में उन्होंने जुकाम के कारण उकाली (काढ़ा) पिया था। करीब 5:00 मुझे बाईसा फोन कर कहा कि डॉक्टर (नर्सिंग कर्मी) आया है गेट खोलना। मैने गेट खोला डॉक्टर बाईसा के कमरे में गया।
उसने शायद इंजेक्शन लगाया। एक दो मिनट में वह वापस आ गया था। उसके जाने के चार पांच मिनट के बाद ही बाईसा की जोर से चीख आई। मैं कमरे से निकला तब तक बाईसा मेन गेट के पास आकर गिर गई। वीरम नाथ जी भागे उन्होंने, गाड़ी स्टार्ट की मैं बाईसा को उठाकर लेकर गाड़ी में गया। रास्ते में उनकी सांसे अटक गई थी। उन्होंने कहा कि पापा मुझे न्याय दिला देना। उनके हाथ मेरे हाथ में था नाखून हरे नजर आ रहे थे।'
आश्रम के बाहर मिली अस्थालाइन की सीसी, नए सवाल खड़े
जांच के दौरान आश्रम के बाहर से अस्थालाइन की दो सीसी भी मिली हैं। अस्थालाइन दवा आमतौर पर सांस संबंधी दिक्कतों और अस्थमा के मरीजों को दी जाती है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या साध्वी प्रेम बाईसा को अस्थमा की बीमारी थी। यदि ऐसा था, तो उन्हें डेक्सोना इंजेक्शन किस मात्रा में और किस परिस्थिति में दिया गया। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इंजेक्शन किसने लगाया, कब लगाया गया और क्या यह चिकित्सकीय सलाह के अनुसार था या नहीं।
पापा मुझे न्याय दिला देना... साध्वी प्रेम बाईसा के आखिरी शब्द
सुरेश ने बताया कि बाईसा ने गाड़ी में एक ही बात कही थी कि पापा मुझे न्याय दिला देना। साध्वी के इंस्टाग्राम पर भी पोस्ट लिखा। उन्होंने लिखा था- 'मेरे जीवन में आदि जगतगुरु शंकराचार्य भगवान, विश्व योग गुरुओं और पूज्य संत महात्माओं का हर पल आशीर्वाद रहा है। मैंने आदि गुरू शंकराचार्य और देश के कई महान संत महात्माओं को पत्र लिखा। अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया, लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था? मैं इस दुनिया से हमेशा के लिए अलविदा, लेकिन ईश्वर और पूज्य संत महात्माओं पर पूर्ण भरोसा है, मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा।'
कौन थीं साध्वी प्रेम बाईसा?
साध्वी प्रेम बाईसा राजस्थान के नागौर जिले की रहने वाली थीं। छोटी सी उम्र में ही उनका झुकाव अध्यात्म की ओर हो गया था। वे मुख्य रूप से भजन गायिका के रूप में प्रसिद्ध थीं। उनके गाए हुए राजस्थानी भजन और 'कथा' कहने के अंदाज ने उन्हें कम समय में ही एक बड़ी पहचान दिला दी थी। इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर उनकी तगड़ी फैन फॉलोइंग थी, जहां उनके वीडियोज को लाखों बार देखा जाता था।
साध्वी प्रेम बाईसा विवादों से नाता
साध्वी प्रेम बाईसा के पैतृक गांव परेउ में भी एक आश्रम बनाया गया था, जहां पर भागवत कथा समेत विभिन्न आयोजन किए गए। लेकिन गांव में परिजनों के साथ जमीन विवाद को लेकर उन्होंने पुलिस में मामला दर्ज करवाया था। 6 महीने पहले सोशल मीडिया पर वायरल उनके एक वीडियो को लेकर काफी विवाद हुआ था। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया था। वीडियो में साध्वी और उनके पिता के गले लगने पर सवाल खड़े किए गए थे। जिसे लेकर साध्वी ने काफी नाराजगी भी जताई थी।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 1 February 2026 at 08:32 IST