Solar Eclipse: दिन में छा जाएगा अंधेरा, दुनिया के इन देशों में 2 मिनट 18 सेकंड तक नहीं दिखेगा सूरज, भारत में क्या होगा?
क्या आपने कभी सोचा है कि भरी दुपहरी में अचानक सूरज गायब हो जाए और चारों तरफ स्याह अंधेरा छा जाए? सुनने में यह किसी साइंस-फिक्शन फिल्म की कहानी जैसा लगता है, लेकिन अगस्त 2026 में यह पूरी तरह सच होने वाला है। आइए जानते हैं।
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आसमान में एक ऐसी दुर्लभ घटना घटने वाली है, जो पूरी दुनिया को थोड़ी देर के लिए दिन में ही रात के दर्शन करा देगी। यह नजारा आप पहली बार देखेंगे। जिसमें एक छाया पूरी धरती को अंधेरे में डूबा देगी। ये छाया चंद्रमा की होगी। आपको बता दें, यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और एशिया के कई हिस्सों में ये देखने को मिलेगा। इस दिन इस दिन चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरकर सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा, जिससे दिन में भी रात हो जाएगी।
12 अगस्त को गायब हो जाएगा सूर्य
यह ग्रहण 12 अगस्त की रात को लगभग 09:04 बजे शुरू होगा और 13 अगस्त की सुबह 04:25 बजे समाप्त होगा। चूंकि यह ग्रहण भारतीय समयानुसार रात के समय लगेगा, इसलिए यह भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए इसका कोई सूतक काल मान्य नहीं होगा। अगर आप सूतक मानते हैं तो नियमों को अपना सकते हैं।
कहां-कहां दिखेगा यह अनोखा नजारा?
इस पूर्ण सूर्य ग्रहण का मुख्य मार्ग ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, रूस और मध्य एशिया से होकर गुजरेगा। यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और एशिया के अन्य हिस्सों में आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा।
क्या भारत में दिखेगा इसका असर?
भारत में पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने को नहीं मिलेगा। इसलिए यहां पूरी तरह अंधेरा नहीं होगा। हालांकि, देश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में सूर्यास्त के समय आंशिक सूर्य ग्रहण का दीदार किया जा सकेगा, जहां सूर्य का कुछ हिस्सा चंद्रमा के पीछे छिपा नजर आएगा।
क्यों खास है यह खगोलीय घटना?
यूरोप और उसके आसपास के इलाकों के लिए यह कई दशकों बाद आया है। 2 अगस्त 2026 को होने वाला यह सूर्य ग्रहण बेहद खास माना जा रहा है।
ज्योतिष में सूर्य ग्रहण का महत्व क्या है?
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण के शुरू होने से 12 घंटे पहले ही सूतक काल शुरू हो जाता है। इस दौरान भोजन पकाना, खाना, मांगलिक कार्य करना या मूर्तियों को स्पर्श करना वर्जित होता है।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 22 June 2026 at 13:31 IST