JPSC-JSSC Protest: रांची में छात्रों ने AISA अध्यक्ष नेहा बोरा का जमकर किया विरोध, फेंकी गई स्याही; AISA के मार्च के दौरान हंगामा
झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। छात्र आंदोलन में पहुंची AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर प्रदर्शन के दौरान स्याही फेंकी गई है।
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झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। छात्र आंदोलन में पहुंची AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर प्रदर्शन के दौरान स्याही फेंकी गई है। हालांकि स्याही फेंकने वाले की पहचान अबतक नहीं हुई है। घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आंदोलन के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों की भीड़ मौजूद थी। इसी बीच कुछ लोगों ने नेहा बोरा का विरोध किया और उन पर स्याही फेंक दी। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने स्थिति को संभाला और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
इस दौरान वहां जय श्री राम के नारे भी लगाए गए। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। नेहा बोरा ने कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली छात्र प्रोटेस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि हम पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए, पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया। जब हम तब नहीं डरे, तो यह मामूली स्याही हमारा क्या बिगाड़ लेगी। आपको बता दें कि छात्रों का यह आंदोलन पिछले करीब दो हफ्तों से जारी है।
प्रदर्शनकारी JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी की जांच की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार को आंदोलन के 14वें दिन भी कई छात्र भूख हड़ताल पर बैठे रहे। इसी दौरान AISA ने छात्रों के समर्थन में झारखंड विधानसभा तक मार्च निकाला। JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर AISA ने पहले ही विधानसभा घेराव का ऐलान किया था।
कौन हैं नेहा बोरा
नेहा जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में पीएचडी रिसर्च स्कॉलर हैं। वह एक एक्टिविस्ट और थिएटर आर्टिस्ट भी हैं। कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध-प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर 23 दिन तक भूख हड़ताल करने के बाद उन्हें देश भर में पहचान मिली। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने लगातार शिक्षा में सुधार, छात्रों के अधिकारों और देश की उच्च शिक्षा प्रणाली में ज्यादा जवाबदेही की वकालत करती रही हैं।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 7 August 2026 at 14:42 IST