राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सभी 8 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल
अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए गए चढ़ावे की चोरी मामले में पुलिस ने बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। सभी 8 आरोपियों के खिलाफ बुधवार सुबह अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
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अयोध्या के भव्य राम मंदिर में देश-विदेश से श्रद्धालु अपनी गहरी आस्था के साथ दान अर्पित करते हैं, लेकिन इसी दान राशि की चोरी के मामले में पुलिस ने अब अपना शिकंजा पूरी तरह से कस लिया है। बुधवार सुबह पुलिस ने सभी 8 आरोपियों के खिलाफ अदालत में 7 हजार से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है।
समय पर चार्जशीट दाखिल होने के कारण अब आरोपियों के लिए जमानत पाने की कानूनी संभावना पूरी तरह से खत्म हो गई है। पिछले लगभग तीन महीने से जेल की सलाखों के पीछे कैद इन आरोपियों के बाहर आने की उम्मीदों पर फिलहाल पानी फिर गया है।
सुनियोजित तरीके से दिया जाता था चोरी को अंजाम
यह पूरा मामला तब सुर्खियों में आया जब दानपात्रों से पैसे गायब होने की भनक लगी। आरोपियों ने मंदिर में उमड़ने वाली भारी भीड़ का फायदा उठाया और बैंक कर्मचारियों व मंदिर के कुछ स्टाफ की मिलीभगत से इस सुनियोजित चोरी को अंजाम दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने जून के महीने में एक विशेष जांच दल SIT का गठन किया था, जिसके बाद 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
CCTV में कैद हुईं 105 चोरियां
SIT ने सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई अपनी स्टेटस रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। शुरुआत में सिर्फ 70 घटनाओं का अंदेशा जताया गया था, लेकिन कैश काउंटिंग रूम के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर 105 बार चोरी की घटनाएं सामने आईं। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी नोटों की गड्डियों को अनधिकृत रूप से हटाकर बेहद चालाकी से अपनी जेबों और जूतों में छिपा रहे हैं।
भूसे के ढेर और शौचालयों से 79.85 लाख कैश बरामद
जांच एजेंसियों की तलाशी में आरोपियों के पास से अब तक लगभग 79.85 लाख रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद की जा चुकी है। आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए चोरी की यह रकम अपने घरों के साथ-साथ शौचालयों और भूसे के ढेरों में छिपा कर रखी थी।
कोर्ट का सख्त रुख, जमानत याचिकाएं खारिज
राम भक्तों की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले में अयोध्या की विशेष अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। स्पेशल कोर्ट ने मुख्य आरोपियों अविनाश शुक्ल, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्र, अनुकल्प मिश्र, करुणेश पांडेय और लवकुश मिश्र की जमानत याचिकाएं पूरी तरह से खारिज कर दी हैं। गिरफ्तार किए गए इन 8 आरोपियों में मुख्य रूप से कैश गिनने के लिए तैनात किए गए बैंक कर्मचारी, सुपरवाइजर सुभाष श्रीवास्तव और ट्रस्ट के महासचिव के पूर्व ड्राइवर रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 23 September 2026 at 13:47 IST