'खड़गे जिस पद पर आसीन, उनसे सार्वजनिक जीवन में...', कांग्रेस अध्यक्ष पर राजनाथ सिंह के तीखे वार, दे डाली ये नसीहत
राजनाथ सिंह 'बाप भी जाएगा' वाले कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के बयान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करें, सवाल करें, सरकार की आलोचना भी करें, मगर व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन न करें।
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Rajnath Singh: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मल्लिकार्जुन खड़गे की पीएम मोदी के दिवंगत पिता पर की गई टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे पूरे देश और राजनीति की गरिमा का अपमान बताते हुए कहा कि कांग्रेस का सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि वैचारिक पतन भी हो चुका है।
राजनाथ सिंह ने समाचार एजेंसियों से बात करते हुए कहा, 'कल पटना में मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी के दिवंगत पिता के बारे में जो टिप्पणी की, उससे मुझे गहरा दुख हुआ है। इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये टिप्पणियां किसी साधारण कांग्रेस कार्यकर्ता या युवा नेता ने नहीं, बल्कि उस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने की हैं, जो खुद को देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी होने का दावा करती है। अपने इस आचरण से कांग्रेस अध्यक्ष ने करोड़ों देशवासियों की भावनाओं को आहत किया है।'
खड़गे को सही ठहराने में जुटी कांग्रेस- राजनाथ
उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस यहीं नहीं रुकी, अब वे खड़गे के शब्दों को सही ठहराने की कोशिश करके लोगों की भावनाओं को और अधिक आहत कर रहे हैं। अपनी गलती मानने और खेद प्रकट करने के बजाय कांग्रेस इस बयान का बचाव करने और इसे सही साबित करने में लगी हुई है।
‘खड़गे जिस पद पर आसीन, उनसे सार्वजनिक जीवन में…’
राजनाथ सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर कहा कि खड़गे जिस पद पर हैं, उनसे सार्वजनिक जीवन में अधिक गंभीरता, संयम, मर्यादा और जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। यदि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वयं ऐसी भाषा का प्रयोग करते हैं, तो यह न केवल उनके पद की गरिमा के विपरीत है, बल्कि कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। राजनीतिक विरोध एक अलग बात है, लेकिन ऐसा व्यवहार किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है।'
'निम्न-स्तरीय राजनीति शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गई'
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कल तक कांग्रेस के कुछ नेता प्रधानमंत्री की साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि का मजाक उड़ाते थे; यहां तक कि उन्होंने उनकी पूजनीय माताजी के बारे में भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया। आज यही निम्न-स्तरीय राजनीति कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गई है। कांग्रेस की राजनीति का स्तर हर दिन गिरावट के नए रिकॉर्ड बना रहा है। वैचारिक विरोध को व्यक्तिगत अपमान में बदलना, राजनीतिक असहमति को अभद्र भाषा तक ले जाना और प्रधानमंत्री के परिवार को निशाना बनाना- यह सब कांग्रेस की हताशा और वैचारिक शून्यता को दर्शाता है। मैं मानता हूं कि यह सिर्फ व्यक्ति और परिवार का अपमान नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति की गरिमा पर भी प्रहार है।
कांग्रेस को राजनाथ सिंह की नसीहत
उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विरोध करें, सवाल करें, सरकार की आलोचना भी करें, मगर व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन न करें। मैं यह सुझाव देना चाहूंगा। आज कांग्रेस का सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि वैचारिक पतन भी हो चुका है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस को याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र में जनता हर बात का हिसाब रखती है। समय आने पर उसका जवाब भी बखूबी देगी। मैं कांग्रेस को स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी को ऐसी टिप्पणियों से न विचलित किया जा सकता है और न ही जनसेवा के उनके संकल्प को किसी भी सूरत में कमजोर किया जा सकता है।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 26 October 2026 at 13:34 IST