राजस्थान की विरासत हमारे राष्ट्र को समृद्ध बनाती है: अरुणाचल के राज्यपाल
राजस्थान का इतिहास न केवल राज्य का गौरव है बल्कि भारत की गौरवशाली विरासत का एक अभिन्न अंग है, जो वीरता, देशभक्ति और समृद्ध परंपराओं से परिभाषित है।
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अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) केटी परनायक ने रविवार को प्रदेश के विकास में योगदान देने और अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने व साझा करने के लिए राजस्थान के लोगों के अथक प्रयासों की प्रशंसा की।
राज्यपाल ने ‘राजस्थान स्थापना दिवस’ के अवसर पर राजभवन में आयोजित विशेष समारोह में कहा, “राजस्थान का इतिहास न केवल राज्य का गौरव है बल्कि भारत की गौरवशाली विरासत का एक अभिन्न अंग है, जो वीरता, देशभक्ति और समृद्ध परंपराओं से परिभाषित है।”
राजभवन की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना के तहत आयोजित यह कार्यक्रम सांस्कृतिक सद्भाव का प्रतीक है, जो राजस्थान और अरुणाचल प्रदेश के लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करता है।
उन्होंने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा समर्थित ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का विजन भारत की विविधता में एकता के सिद्धांत को मजबूती देता है।
विज्ञप्ति के मुताबिक, यह उत्सव राजस्थानी परंपराओं की जीवंत प्रस्तुति है, जिसमें ‘घूमर’ नृत्य और ऊर्जावान ‘धमाल’ लोकगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां शामिल थीं।
Published By : Deepak Gupta
पब्लिश्ड 30 March 2025 at 21:23 IST