गिग वर्कर से पैटर्निटी लीव तक... Raghav Chadha ने संसद में उठाए जोरदार मुद्दे, जनता में हो रही वाहवाही; फिर केजरीवाल ने क्यों लिया एक्शन?

Raghav Chadha: राघव चड्ढा को राज्यसभा के उप नेता से हटाने का फैसला लेकर आम आदमी पार्टी ने चौंकाया। उन्होंने हाल में संसद में ऐसे कई मुद्दें उठाए थे, जिसके लिए राघव की खूब वाहवाही हो रही थी।

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राघव चड्ढा का AAP पर एक्शन | Image: Republic

Raghav Chadha news: आम आदमी पार्टी (AAP) ने राघव चड्ढा पर बड़ा एक्शन लेते हुए राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है। उनकी जगह यह जिम्मेदारी अब अशोक मित्तल को सौंपी गई। राघव को हटाए जाने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि पार्टी के अंदर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा? यह प्रश्न जब आप नेता संजय सिंह से पूछा गया तो वो इसका जवाब देने से बचते नजर आए।

उनसे संसद के बाहर जब मीडिया ने सवाल किया कि राघव चड्ढा को किस ग्राउंड पर इस पद से हटाया गया? तो इस पर उन्होंने बस इतना ही कहा कि राघव चड्ढा के संबंध में राज्यसभा सेक्रेटरी को बता दिया गया है। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को आधिकारिक पत्र सौंपकर यह भी कहा है कि सांसद राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए।

आम आदमी से जुड़े मुद्दे उठा रहे थे राघव

राघव चड्ढा काफी समय से जिस तरह से राज्यसभा में आम आदमी के मुद्दों को उठा रहे थे, उसके लिए वो काफी सुर्खियां बटोर रहे थे। इसमें पैटरनिटी लीव को कानूनी अधिकार बनाने की मांग, टेलीकॉम कंपनियों की "डेली डेटा लिमिट", गिग वर्कर्स जैसे ढेरों मुद्दे शामिल रहे। ऐसे में उनको अचानक उप नेता से हटाकर आम आदमी पार्टी ने चौंकाया है।

AAP ने क्यों लिया राघव चड्ढा पर एक्शन?

हालांकि पार्टी के इस फैसले के पीछे कई बड़ी वजह मानी जा रही हैं। इसमें सबसे पहली वजह है कि जब दिल्ली में शराब घोटाले मामले में आम आदमी पार्टी के कई बड़े नेता जैसे अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया जेल से छूटकर जमानत पर बाहर आए, तो इस पर राघव चड्ढा ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। वे चुप्पी साधे रहे।

माना ये भी जा रहा है कि आप ने राघव चड्ढा पर एक्शन इसलिए भी लिया क्योंकि वे राज्यसभा में पार्टी के कोटे से तय किए समय में बोल रहे थे और पार्टी के अन्य सांसदों को मौका या तो नहीं मिल पाता था या फिर कम ही मिलता था। बीते कुछ समय से राघव पार्टी के कामों में भी दिलचस्पी नहीं ले रहे थे।

राघव ने पार्टी के नाम और सिंबल तक से दूरी बना ली थी। वे सोशल मीडिया पर जो भी पोस्ट शेयर करते उनमें पार्टी का नाम, झंडा या निशान नहीं दिखता था। माना जा रहा है कि राघव पार्टी की जगह अपनी खुद की ब्रांडिंग में जुटे थे और इन वजहों से उन पर पार्टी ने गाज गिराई।

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Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 2 April 2026 at 16:35 IST