कौन हैं Ashok Mittal? जिन्हें AAP ने राज्यसभा में Raghav Chadha की जगह बनाया उपनेता, मिठाई की छोटी दुकान से सांसद बनने तक का कैसा रहा सफर
डॉ. अशोक मित्तल का सफर मिठाई की छोटी दुकान से शुरू होकर देश की बड़ी यूनिवर्सिटी बनाने और फिर राज्यसभा पहुंचने तक का है। यह कहानी मेहनत, विजन और समाज को वापस देने की भावना की मिसाल है। अब देखना होगा कि संसद में डिप्टी लीडर की भूमिका में वे AAP की आवाज को कितना मजबूत बनाते हैं।
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आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर युवा नेता राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया है। उनकी जगह डॉ. अशोक कुमार मित्तल को पार्टी के डिप्टी लीडर राज्यसभा के रूप में नियुक्त करने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही, सांसद राघव चड्ढा को बोलने का समय न देने की सूचना भी दी गई है।
राघव चड्ढा पिछले कुछ दिनों से AAP और उसके टॉप लीडर्स से जुड़े अहम मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए थे। उन्होंने संसद में आम आदमी से जुड़े कई मुद्दे उठाए। अब पार्टी ने राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है। यह बदलाव AAP की आंतरिक व्यवस्था से जुड़ा माना जा रहा है। लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर डॉ. अशोक मित्तल कौन हैं, जिन्हें राघव चड्ढा की जगह यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा रही है?
कौन हैं डॉ. अशोक कुमार मित्तल?
डॉ. अशोक कुमार मित्तल का जन्म 10 सितंबर 1964 को पंजाब के जालंधर में हुआ था। उनके पिता बालदेव राज मित्तल ने 1961 के आसपास मात्र 500 रुपये के उधार से जालंधर छावनी में एक छोटी सी दुकान पर 'लवली स्वीट्स' के नाम से लड्डू और मिठाइयां बेचना शुरू किया। अशोक मित्तल ने भी इसी परिवारिक परंपरा को आगे बढ़ाया। 1980 के दशक में उन्होंने दिन में दुकान पर काम किया और शाम को पढ़ाई जारी रखी।
LPU के चांसलर
अशोक मित्तल ने अपनी स्कूली शिक्षा फगवाड़ा और जालंधर से पूरी की। उन्होंने गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (GNDU) से कानून (LLB) की डिग्री हासिल की। अशोक मित्तल का सबसे बड़ा परिचय लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के फाउंडर चांसलर के रूप में है। 2001 में उन्होंने लवली कॉलेज की शुरुआत की। पंजाब के फगवाड़ा में स्थित यह यूनिवर्सिटी आज भारत की सबसे बड़ी सिंगल-कैंपस यूनिवर्सिटीज में से एक है। डॉ. अशोक मित्तल की पत्नी रश्मि मित्तल LPU की को-चांसलर हैं। उनका परिवार अब शिक्षा और बिजनेस दोनों क्षेत्रों में सक्रिय है।
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पहली बार के राज्यसभा सांसद
2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों के बाद AAP ने अशोक मित्तल को राज्यसभा के लिए नामांकित किया। मार्च 2022 में वे बिना विरोध चुने गए और अप्रैल 2022 से पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यसभा सांसद हैं। संसद में उन्होंने शिक्षा, किसान मुद्दे, बेरोजगारी, स्वास्थ्य और पंजाब के विकास से जुड़े सवाल उठाए। AAP में शामिल होने से पहले वे मुख्य रूप से बिजनेसमैन और शिक्षा क्षेत्र के व्यक्ति थे।