एक मशीन से बच्चे की धड़कन आई दूसरी से..., नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही से कोख में बुझ गई किलकारी, फिर सवालों के घेरे में राजस्थान का ये अस्पताल
राजस्थान के भरतपुर में प्रसूता और नवजात के मौतों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच भरतपुर के राजकीय जनाना अस्पताल से एक और दर्दनाक मामला सामने आया है। नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही से एक मां की कोख में ही किलकारी बुझ गई।
- भारत
- 3 min read
राजस्थान के भरतपुर स्थित राजकीय जनाना अस्पताल एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहां नर्सिंग स्टॉफ की लापरवाही की वजह से एक मां की कोख सुनी हो गई। परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर बवाल काटा। भारी हंगामा होने के बाद अस्पताल ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित करने की घोषणा की है। वहीं, दूसरी और बच्चे का माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
उत्तर प्रदेश के नरेश की पत्नी नीलम (32) को मंगलवार, 21 जुलाई को अस्पताल में भर्ती कराया था, मगर डिलीवरी से पहले ही बच्चे की मां के पेट में ही मौत हो गई। वहीं,अस्पताल की ओर से जारी किए गए बयान में जो कहा गया, उसे सुनकर आप भी चौंक जाएंगे। नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टर ने जब गर्भवती महिला को चेक किया तो, एक मशीन से बच्चे की धड़कन चलती हुई दिखाई दे रहीं थी,लेकिन दूसरी मशीन बच्चे की धड़कन नहीं बता रही थी।
मृतक बच्चे के पिता ने बताई पूरी कहानी
मृतक बच्चे के पिता नरेश, जो उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के बदरौली गांव के रहने वाले हैं, का आरोप है कि उन्होंने डॉक्टरों से पहले ही ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी कराने की मांग की थी। उनका कहना है कि पहले भी उनकी पत्नी के दो बच्चों की गर्भ में ही मौत हो चुकी थी, इसलिए इस बार किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते थे। इसके बावजूद उन्हें सामान्य प्रसव का भरोसा दिया गया और आखिरकार बच्चे की मौत हो गई।
बच्चे की धड़कन को लेकर उलझा अस्पताल का दावा
अस्पताल प्रशासन के अनुसार जांच के दौरान भ्रूण की धड़कन मॉनिटरिंग मशीन में दिखाई दे रही थी, जबकि स्टेथोस्कोप से स्पष्ट नहीं मिल रही थी। सुबह कराई गई सोनोग्राफी में बच्चे की मौत की पुष्टि हुई। इसके बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। बच्चे की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उनका आरोप है कि समय रहते सही फैसला लिया जाता तो बच्चे की जान बच सकती थी।
अस्पताल ने की जांच कमेटी गठित
पीड़ित परिवार ने जिम्मेदार डॉक्टरों और स्टाफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। राजकीय जनाना अस्पताल के चिकित्सक डॉ. नरेंद्र फौजदार ने कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। राजस्थान में लगातार सामने आ रहे प्रसूता और नवजात मौतों के मामलों के बीच भरतपुर की यह घटना भी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर नए सवाल खड़े कर रही है।
अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर हैं कि आखिर गर्भ में पल रही मासूम की मौत के पीछे वजह क्या थी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होगी।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 22 July 2026 at 23:56 IST