वक्फ संशोधन विधेयक: JPC रिपोर्ट को लेकर भड़के सपा सांसद अवधेश प्रसाद, डिंपल यादव ने सरकार पर मनमानी करने का लगाया आरोप

Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन विधेयक JPC रिपोर्ट को लेकर सपा सांसदों का गुस्सा टूट पड़ा। डिंपल यादव ने सरकार पर मनमानी करने का आरोप लगाया।

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वक्फ संशोधन विधेयक जेपीसी रिपोर्ट पर भड़की सपा। | Image: ANI

वक्फ संशोधन विधेयक पर विचार करने वाली संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के बीच लोकसभा में पेश की गई। इसे लेकर समाजवादी पार्टी के सांसदों का गुस्सा फूटा। सपा सांसद डिंपल यादव ने सरकार पर मनमानी करने का आरोप लगाया। वहीं अवधेश प्रसाद ने कहा कि बिल के संबंध में जो हमारा सुझाव था वह पूरी तरह से अनदेखा किया गया है।

सपा की सांसद डिंपल यादव ने कहा, "जिस तरह विपक्षी सदस्यों द्वारा दिए गए असहमति नोट को वक्फ संशोधन विधेयक में शामिल नहीं किया गया। सरकार मनमाने तरीके से यह विधेयक ला रही है। वे ध्यान भटकाने के लिए सत्र के आखिरी दिन विधेयक लेकर आए हैं।"

समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने वक्फ संशोधन विधेयक पर JPC रिपोर्ट के संबंध में कहा, "बिल के संबंध में जो हमारा सुझाव था वह पूरी तरह से अनदेखा किया गया है। आज देश के सामने किसानों और रोजगार की समस्या है। इन पर से ध्यान हटाने के लिए इस तरह का बिल लाया गया है। इस बजट में हमारे किसानों के लिए कुछ नहीं है। इस बजट पर चर्चा न हो इसलिए यह बिल लाया गया है। हमने इस बिल का विरोध ही नहीं बल्कि बहिष्कार भी किया है।"

राज्यसभा में भी पेश की गई रिपोर्ट

बता दें, समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखा। साथ ही, उन्होंने समिति के समक्ष आए साक्ष्यों का रिकॉर्ड भी सदन में रखा। इससे पहले, आज समिति की रिपोर्ट राज्यसभा के पटल पर भी रखी गई। विपक्षी सदस्यों का आरोप है कि उनकी असहमति को रिपोर्ट के साथ संलग्न नहीं किया गया है।

30 जनवरी को लोकसभा अध्यक्ष को दी गई थी रिपोर्ट

गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से आग्रह किया कि वह विपक्ष की आपत्तियों को जोड़ सकते हैं और इस पर भाजपा को कोई आपत्ति नहीं है। संसद के वर्तमान बजट सत्र के पहले चरण का आज आखिरी कामकाजी दिन था। समिति की रिपोर्ट 30 जनवरी को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपी गई थी। समिति की 655 पृष्ठ वाली इस रिपोर्ट को बहुमत से स्वीकार किया गया था, जिसमें भाजपा के सदस्यों द्वारा दिए गए सुझाव भी शामिल हैं।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पेश किया था विधेयक

विपक्षी सदस्यों ने इसे असंवैधानिक करार दिया था और आरोप लगाया था कि यह कदम वक्फ बोर्ड को बर्बाद कर देगा। भाजपा सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया था कि पिछले साल अगस्त में लोकसभा में पेश किया गया विधेयक वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में आधुनिकता, पारदर्शिता और जवाबदेही लाने का प्रयास करेगा। समिति ने भाजपा सदस्यों द्वारा प्रस्तावित सभी संशोधनों को स्वीकार कर लिया था और विपक्षी सदस्यों के संशोधनों को खारिज कर दिया था। वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू द्वारा लोकसभा में पेश किए जाने के बाद आठ अगस्त, 2024 को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजा गया था।

विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों को विनियमित और प्रबंधित करने से जुड़े मुद्दों और चुनौतियों का समाधान करने के लिए वक्फ अधिनियम, 1995 में संशोधन करना है।

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Published By : Kanak Kumari Jha

पब्लिश्ड 13 February 2025 at 16:26 IST