जातिगत जनगणना के समर्थन में बोले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान- 'सरकार के पास होने चाहिए आंकड़ें'

जातिगत जनगणना को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एक बार फिर से अपना रुख साफ कर दिया है और NDA से अलग अपना समर्थन जताया है।

 
Follow :
लोकसभा सांसद चिराग पासवान | Image: @ichiragpaswan-Facebook

जातिगत जनगणना को लेकर केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुखिया चिराग पसावान लगातार एनडीए अलग रुख करते नजर आ रहे हैं। एक बार फिर से उन्होंने अपना पक्ष साफ कर दिया है। उन्होंने कहा है कि वो जाति जनगणना के पक्षधर हैं।

मीडिया के साथ बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, "मेरी पार्टी ने इसे लेकर अपना रुख हमेशा से ही स्पष्ट रखा है। हम लोग चाहते हैं कि जातिगत जनगणना हो। इसका कारण है। कई बार राज्य सरकार और केंद्र सरकार कई योजनाएं बनाती है जो किसी जाति को मुख्य धारा के साथ जोड़ने के मद्देनजर तैयार की जाती है। ऐसे में उस जाति की आबादी की जानकारी सरकार के पास होनी चाहिए ताकि उसके अनुपात में राशि आवंटित की जा सके। मैं इन आंकड़ों को सार्वजनिक करने का पक्षधर नहीं हूं। मैं मानता हूं कि ये आंकड़ें कम से कम सरकारों के पास होने चाहिए।"

आरक्षण पर भी बोले चिराग पासवान

इससे पहले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) के आरक्षण पर SC के फैसले के विरोध में ‘भारत बंद’ के आह्वान का समर्थन किया। उन्होंने ये भी दावा किया कि वह जब तक हैं तब तक आरक्षण में किसी भी प्रकार का बदलाव संभव नहीं है।

गौरतलब है कि एससी-एसटी के आरक्षण में क्रीमी लेयर पर SC के 1 अगस्त के फैसले के खिलाफ देश भर के 21 संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया। संगठनों ने कोर्ट के इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि इससे आरक्षण के मूल सिद्धांतों को क्षति होगी।

चिराग ने सोशल मीडिया प्लेट फॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “एससी-एसटी आरक्षण पर SC के फैसले के विरोध में शांतिपूर्ण तरीके से भारत बंद के फैसले का मैं और मेरी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) अनुसूचित जाति एवं जनजाति के पक्ष में नैतिक रूप से समर्थन व्यक्त करती है।” उन्होंने कहा कि समाज के शोषितों और वंचितों के हक की आवाज बनना हमारा कर्तव्य है।

इसे भी पढ़ें: आरजी कर हॉस्पिटल रेपकांड मामले में मिल गए सबूत! CBI अधिकारी बोले- 'बहुत कुछ है...'

Published By : Kanak Kumari Jha

पब्लिश्ड 25 August 2024 at 19:37 IST