अपडेटेड 17 January 2026 at 13:42 IST
"अभी लड़ाई खत्म नहीं हुई...", BMC चुनाव में शर्मनाक हार के बाद शिवसेना यूबीटी का बयान, चुनाव में नहीं चला मराठी भाषा और मराठी मानुष का दांव
BMC Election results : BMC चुनाव हार के बाद शिवसेना (यूबीटी) ने कहा, "यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई।" पार्टी ने मराठी मानुष को उचित सम्मान मिलने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया है।
BMC elections results : बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के नतीजों के बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) यानी यूबीटी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने हार के बावजूद दृढ़ और आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा है कि यह राजनीतिक संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है और मराठी समुदाय को सम्मान मिलने तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
शिवसेना (यूबीटी) ने मजबूत रुख और संकेत दिया कि महाराष्ट्र में राजनीतिक लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक पोस्ट में लिखा, "यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है... यह तब तक जारी रहेगी जब तक मराठी व्यक्ति को वह सम्मान नहीं मिलता जिसका वह हकदार है।"
BJP-शिंदे गठबंधन का BMC में दबदबा
पार्टी का यह बयान बीएमसी चुनाव परिणामों के ठीक बाद आया है, जिसमें BJP और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना गठबंधन सबसे बड़ी ताकत के रूप में उभरकर सामने आया। चुनाव आयोग और बीएमसी द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बीजेपी ने 89 सीटें हासिल किए और 11,79,273 वोट हासिल किए, जो कुल डाले गए आंकड़े का 21.58 प्रतिशत है। BJP के सहयोगी दल एकनाथ शिंदे गुट को 29 सीटें और 2,73,326 वोट मिले, जो कुल वोट शेयर का 5.00 प्रतिशत है।
मनसे को मिली 6 सीटें
वहीं, विपक्षी खेमे में शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के गठबंधन ने 65 सीटें हासिल कीं। यूबीटी ने 7,17,736 वोट (13.13%) हासिल किए, मनसे को 6 सीटें जीतीं मिली हैं।
अन्य दलों में, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (AIMIM) ने 68,072 वोटों के साथ 8 सीटें जीतीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने 3 सीटें, समाजवादी पार्टी ने 2 सीटें और NCP (शरदचंद्र पवार) ने 1 सीट हासिल की।
नहीं चला मराठी भाषा और मराठी माणूस का दांव
चुनाव में मराठी भाषा और मराठी माणूस की पहचान को लेकर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने जोरदार खूब प्रचार किया था, लेकिन BJP-महायुति गठबंधन को मेट्रो, कोस्टल रोड जैसे विकास कार्यों और अच्छे प्रशासन के एजेंडे ने फायदा पहुंचाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जीत को जन-कल्याणकारी शासन का परिणाम बताया।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 17 January 2026 at 13:42 IST