'हार के डर से पैर में प्लास्टर लगाया और 'खेला होबे' बोलती रहीं...', 5 साल बाद ममता बनर्जी की 'चोट' को लेकर बोले ऋतब्रत बनर्जी
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर 2021 के नंदीग्राम विधानसभा चुनाव के दौरान ममता बनर्जी के पैर में लगी चोट का मामला गरमाया हुआ है। सीएम सुवेंदु ने आरोप लगाया है कि उस समय की मौजूद मेडिकल रिपोर्ट में किसी फ्रैक्चर या डिसलोकेशन का सबूत नहीं मिला है। अब इसे लेकर ऋतब्रत बनर्जी ने भी 'दीदी' पर तीखा प्रहार किया है।
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Ritabrata Banerjee on Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें 'आदतन झूठी' करार दिया है। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी दावा किया कि झूठ का यह सिलसिला साल 1984 से चला आ रहा है, जब उन्होंने सोमनाथ चटर्जी को हराकर संसद में प्रवेश किया था।
ऋतब्रत बनर्जी के मुताबिक, ममता बनर्जी ने तब खुद को डॉक्टरेट बताया था। उन्होंने कहा कि जिस यूनिवर्सिटी से 'दीदी' ने डिग्री हासिल करने का दावा किया था, उसका वास्तविकता में कोई वजूद ही नहीं था।
ममता की यूनिवर्सिटी का वजूद ही नहीं- ऋतब्रत
ऋतब्रत बनर्जी ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा,'जिस यूनिवर्सिटी से ममता बनर्जी ने डिग्री हासिल करने की बात कही थी, वह यूनिवर्सिटी असल में है ही नहीं। डॉक्टर ममता बनर्जी इस्लामिक हिस्ट्री से डॉक्टरेट हैं और ये यूनिवर्सिटी है ही नहीं। लेकिन मैं हैरान नहीं हो रहा हूं।'
ममता बनर्जी के पैर में कोई चोट नहीं थी- ऋतब्रत
इसके बाद उन्होंने बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंस की मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि 2021 के चुनावों के दौरान ममता बनर्जी के पैर में वास्तव में कोई चोट लगी ही नहीं थी। उन्होंने इसकी तुलना हिटलर की रणनीति से करते हुए कहा कि जब चुनाव हारने का डर सताने लगा, तो उन्होंने सहानुभूति बटोरने के लिए दो महीने तक पैर में प्लास्टर बांधकर 'खेला होबे' का नारा दिया और पूरे राज्य में प्रचार किया।
ऋतब्रत ने ममता की हिटलर से की तुलना
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, 'इनके पैर में कुछ हुआ ही नहीं था। हिटलर भी ऐसा ही किया करते थे। अब हिटलर के उत्तराधिकारी भी ऐसा ही करेंगे। इनके हारने का डर था तो पैर में प्लास्टर लगा लिया। प्लास्टर लेकर घूमी और खेला होबे-खेला होबे बोलती रही। वे दो महीने पैर में प्लास्टर लगाकर घूमीं, जिसमें कोई चोट ही नहीं है।'
'ममता बनर्जी को जनता से माफी मांगनी चाहिए'
उन्होंने कहा कि इसके लिए ममता बनर्जी को जनता से माफी मांगनी चाहिए। ऋतब्रत बनर्जी ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी दल की ओर से वे मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से गुजारिश करेंगे कि ममता बनर्जी को 'धप्पा' श्री (झूठ और धोखे) की उपाधि से सम्मानित किया जाना चाहिए।
सुवेंदु अधिकारी का ममता बनर्जी पर आरोप
इससे पहले सीएम सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया था, 'मार्च 2021 में बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेस ने एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें कहा गया था कि 'हड्डी खिसकने (dislocation) का कोई सबूत नहीं मिला'। CID इस मामले की जांच कर रही है। एक झूठा प्रचार किया गया था। 9 अक्टूबर के बाद कार्रवाई होगी।'
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 3 October 2026 at 20:52 IST