Raghav Chadha: 'संसद में थोड़ा सा समय मिलता है, उसमें साहब समोसे सस्ते....', राघव चड्ढा ने कार्रवाई पर तोड़ी चुप्पी तो AAP का आया पलटवार
आम आदमी पार्टी के मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा पर आरोप लगाया कि वो सदन में पार्टी के मुद्दे कभी नहीं उठाते थे। वो मोदी से डर गए थे,मगर हम केजरीवाल के सिपाही हैं, जो डरते नहीं है।
राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाए जाने के आम आदमी पार्टी (AAP) के फैसले पर पहली बार राघव चड्ढा ने चुप्पी तोड़ी। उन्होंने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर एक वीडियो संदेश जारी कर शेरो-शायरी के अंदाज में पार्टी के फैसले पर तंज कसा। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के इस फैसले पर कई सवाल भी उठाए। अब उनकों सवालों पर AAP का जवाब आया है।
आम आदमी पार्टी के मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा पर आरोप लगाया कि वो सदन में पार्टी के मुद्दे कभी नहीं उठाते थे। अनुराग ढांडा ने अपने X हैंडल पर लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखकर राघव पर निशाना साधा है। पोस्ट में लिखा है- हम केजरीवाल के सिपाही हैं। निडरता पहली पहचान है हमारी। कोई मोदी से डर जाए तो लड़ेगा क्या देश के लिए?
संसद में वो समोसे सस्ते करवाने में लगे थे-AAP
संसद में थोड़ा सा समय मिलता है बोलने का पार्टी को, उसमें या तो देश बचाने का संघर्ष कर सकते हैं या एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने का। गुजरात में हमारे सैंकड़ों कार्यकर्ता बीजेपी की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिए, क्या सांसद साहब सदन में कुछ बोले? पश्चिम बंगाल में वोट का अधिकार छीना जा रहा है। सदन में प्रस्ताव आया CEC के खिलाफ तो भाई साहब ने साइन करने से मना कर दिया।
राघव चड्ढा मोदी से डर गए- अनुराग ढांडा
पार्टी ने सदन से वाकआउट किया तो मोदी जी की हाजिरी लगाने के लिए बैठे रहते हैं। पिछले कुछ सालों से तुम डर गए हो राघव। मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो। देश के असली मुद्दों पर बोलने से घबराते हो। जो डर गया वो…..
पार्टी के एक्शन पर राघव ने क्या कहा?
इससे पहले शुक्रवार सुबह राघव चड्ढा ने अपने ऊपर हुई कार्रवाई पर चुप्पी तोड़ते हुए वीडियो संदेश में कहा, “जिन लोगों ने मेरी आवाज को दबाया है, उनसे कहना चाहता हूं कि मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना। मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बन जाता है। खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।”
राघव ने आगे कहा, मुझे जब-जब संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं और शायद ऐसे विषय उठाता हूं जिन्हें आमतौर पर संसद में नहीं उठाया जाता है। लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना, जनता के मुद्दों पर बात करना कोई अपराध है? क्या मैंने कोई गुनाह कर दिया? कोई गलती कर दी? ये सवाल मैं इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सेक्रेटेरिएट को यह कहा कि राघव चड्ढा के संसद में बोलने पर रोक लगा दी जाए।' चड्ढा के इस बयान के बाद AAP की ओर से तीखा पलटवार आया है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 3 April 2026 at 12:58 IST