अपडेटेड 21 January 2026 at 16:35 IST
Maharashtra : कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में बदले राजनीतिक समीकरण, BJP को सत्ता से रोकने के लिए MNS का एकनाथ शिंदे को समर्थन
कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में शिंदे शिवसेना ने 53, BJP-50, MNS-5 सीटें जीतीं। MNS ने शिंदे गुट को अपना समर्थन दे दिया है, अब उनके पास 58 सीटें हैं। हालांकि मेयर पद पर अभी फैसला नहीं हुआ है।
MNS Supports Shinde Shiv Sena : कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) के हालिया चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मची हुई है। कुल 122 सीटों वाली इस महानगरपालिका में बहुमत के लिए 62 सीटों की आवश्यकता है। यहां BJP को सत्ता में आने से रोकने के लिए राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने एकनाथ शिंदे को अपना समर्थन दे दिया है।
चुनाव परिणामों के अनुसार एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जिसने 53 सीटें जीती हैं। BJP को 50 सीटें मिली हैं, जबकि उद्धव ठाकरे गुट (शिवसेना UBT) को 11 सीटें प्राप्त हुई हैं। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) को 5, कांग्रेस को 2 और शरद पवार गुट की NCP को 1 सीट मिली है।
MNS ने शिंदे शिवसेना को दिया समर्थन
चुनाव के बाद पोस्ट-पोल गठजोड़ की चर्चाएं तेज हो गई हैं। MNS ने BJP के हाथ सत्ता जाने से रोकने के लिए अपना समर्थन शिंदे गुट की शिवसेना को दे दिया है। यह समर्थन कोंकण आयुक्त कार्यालय में औपचारिक रूप से दर्ज किया गया, जहां MNS और शिवसेना (शिंदे) के नेता एक साथ पहुंचे थे। MNS के इस फैसले से शिंदे गुट की ताकत बढ़ गई है और उनके पास अब 53 + 5 = 58 सीटों का समर्थन माना जा रहा है। कुछ सूत्रों के अनुसार, उद्धव गुट के 2-4 नगरसेवक भी इस नए समीकरण की ओर झुकाव दिखा रहे हैं, हालांकि यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुआ है।
महायुति से होगा मेयर
यह विकास महायुति (BJP-शिंदे शिवसेना) के लिए दिलचस्प मोड़ है, क्योंकि BJP और शिंदे गुट राज्य स्तर पर साथ हैं, लेकिन KDMC में मेयर पद को लेकर दोनों के बीच खींचतान देखी जा रही है। MNS का समर्थन शिंदे गुट को मजबूत बनाने के साथ-साथ BJP को मेयर की कुर्सी से दूर रखने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, शिंदे गुट के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि अंतिम फैसला महायुति के स्तर पर एकनाथ शिंदे और BJP नेतृत्व मिलकर लेंगे और मेयर महायुति से ही होगा।
वर्तमान स्थिति में शिंदे शिवसेना के पास सबसे मजबूत दावा है, लेकिन मेयर कौन बनेगा, यह अभी तय नहीं हुआ है। राजनीतिक हलकों में यह माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और गठजोड़ या समर्थन की घोषणाएं हो सकती हैं, जो KDMC की सत्ता की तस्वीर को और स्पष्ट करेंगी।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 21 January 2026 at 16:35 IST