'हाथों में हाथ और फिर क्या हुई बात जो दोनों हो गए गंभीर...', जब PM मोदी से कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे का हुआ आमना-सामना

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के मौके पर संविधान सदन में पीएम नरेंद्र मोदी और मल्लिकार्जुन खड़गे की मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने कुछ देर बातचीत भी की।

 
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PM Narendra Modi interacts with Mallikarjun Kharge | Image: Video Grab/PTI

PM Narendra Modi-Mallikarjun Kharge: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मुलाकात हुई है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर संविधान सदन में पीएम मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे मिले। पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद कुछ देर दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई, जिसकी अब चर्चा हो रही है।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है। 2021 में सरकार ने आधिकारिक तौर पर 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर पराक्रम दिवस के रूप में नामित किया था। इसीलिए गुरुवार को संविधान सदन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जहां पीएम मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई केंद्रीय मंत्री पहुंचे। उसी समय मल्लिकार्जुन खड़गे और पीएम मोदी की मुलाकात हुई।

गंभीर बात करते दिखे पीएम मोदी और खड़गे

दोनों नेताओं के इस दौरान हाव-भाव काफी गंभीर दिखे। पीएम मोदी के सामने मल्लिकार्जुन खड़गे गंभीरता से अपनी बात रख रहे थे, तो प्रधानमंत्री ने भी उनकी बात को बहुत से ध्यान से सुना। बाद में पीएम मोदी ने मल्लिकार्जुन खड़गे के कंधे पर हाथ रखा और फिर कांग्रेस अध्यक्ष का हाथ पकड़कर अपने भाव व्यक्त किए। इस बातचीत के समय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दोनों नेताओं के करीब खड़े थे और बात को गौर से सुन रहे थे। बाद में पीएम मोदी को संविधान सदन में मौजूद स्कूली छात्रों से बातचीत करते हुए भी देखा गया।

नेताजी सुभाष कभी कंफर्ट जोन के बंधन में नहीं बंधे- PM मोदी

इसके पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर पीएम मोदी ने गुरुवार को उन्हें नमन किया। पीएम मोदी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आदर्श और भारत की स्वतंत्रता के प्रति उनकी अटूट निष्ठा हमें प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने कहा कि आज जब हमारा देश विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में जुटा है, तब नेताजी सुभाष के जीवन से हमें निरंतर प्रेरणा मिलती है। नेताजी सुभाष कभी कंफर्ट जोन के बंधन में नहीं बंधे। इसी तरह आज हम सभी को विकसित भारत के निर्माण के लिए अपने कंफर्ट से बाहर निकलना है। हमें खुद को ग्लोबली बेस्ट बनाना है, एक्सिलेंस को चुनना ही है, क्षमता पर फोकस करना है।

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Published By : Dalchand Kumar

पब्लिश्ड 23 January 2025 at 14:26 IST