'राहुल गांधी का आचरण लोकतंत्र के लिए यक्ष प्रश्न, सत्ता और विपक्ष में रहते हुए भी इनकी मर्जी के खिलाफ कोई निर्णय...', BJP का कांग्रेस पर प्रहार
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, 'कांग्रेस के लोग जब सत्ता में थे तब भी इनसे बर्दाश्त नहीं होता था कि इनकी मर्जी के विरुद्ध कोई निर्णय हो। आज विपक्ष में रहकर भी वही स्थिति है।'
- भारत
- 4 min read
BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं। गुरुवार को रायपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत का जिक्र करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। इसके साथ ही दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को विपक्ष के प्रस्तावित रैली को लेकर भी सुधांशु त्रिवेदी ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "भारत इस समय वैश्विक मंच पर एक अत्यंत प्रभावशाली शक्ति के रूप में उभर रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में, हम सबसे तेजी से आगे बढ़ रहे हैं; यह बहुत संभव है और वास्तव में, यह बात काफी हद तक समझी भी जाती है कि दुनिया की कई बड़ी ताकतों को यह बात रास न आए।"
राहुल का रवैया लोकतंत्र के लिए गंभीर सवाल-सुधांशु त्रिवेदी
सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा, 'नतीजतन, भारत के भीतर और बाहर कुछ ऐसी ताकतें हो सकती हैं, जो भारत की अपार संभावनाओं और इसकी अर्थव्यवस्था की गति को रोकने के लिए तरह-तरह की साजिशें रचने की कोशिश करें। ऐसे में, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी का रवैया हमारे लोकतंत्र के सामने एक बहुत बड़ा और गंभीर सवाल खड़ा करता है।'
कांग्रेस की मर्जी के विरोध निर्णय नहीं हो सकता-सुधांशु त्रिवेदी
राहुल गांधी पर तंज कसते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "हम सभी जानते हैं कि भाजपा ने लोकतंत्र बचाओ और अराजकता हटाओ अभियान शुरू किया है। आज भारत दुनिया में लोकतंत्र का सबसे बड़ा आधार स्तंभ है। भारत पूरे विश्व में एक बहुत प्रभावी उपस्थिति के रूप में दिखाई दे रहा है। कांग्रेस के लोग जब सत्ता में थे तब भी इनसे बर्दाश्त नहीं होता था कि इनकी मर्जी के विरुद्ध कोई निर्णय हो। आज विपक्ष में रहते हुए भी इनकी वही मानसिकता दिखाई दे रही है।"
दिमागी नक्सली दिल्ली में मौजूद-BJP
"हमारी सरकार का बहुत बड़ा संकल्प था कि हम देश को नक्सल मुक्त करें। आज नक्सल समाप्त हो गए हैं और दिमागी नक्सल दिल्ली में स्थापित हो गए हैं।राहुल गांधी के बर्ताव को देख लीजिए। जहां कहीं अराजकता होती है, वहां अफरा-तफरी फैलाने वाले लोग जरूर मिल जाते हैं। भारत में अजीब स्थिति है कि विपक्ष के नेता आकाशवाणी भवन में घुस जाते हैं, प्रधानमंत्री आवास के सामने सड़क पर लेट जाते हैं या सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करते हैं।”
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 30 October 2026 at 17:43 IST