'कांग्रेस ने 60 साल में कितना दिया, पहले ये बताओ, अब UP में 9 लाख सरकारी नौकरी...', खरगे के आरक्षण वाले बयान पर बोले ओपी राजभर
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आरोप पर मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "आज तो कांग्रेस के नेता बयान दे रहे हैं कि पिछड़े-दलित को उनका हिस्सा नहीं मिला तो 60 साल में कांग्रेस ने कितना दिया, पहले ये बताओ।"
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देश में आरक्षण के मुद्दे पर एक बार फिर विवाद छिड़ गया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' (RHA) के बैनर तले हुए प्रदर्शनों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर चोर दरवाजे से आरक्षण खत्म करने का आरोप लगाया है। इस आरोप का जवाब देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कांग्रेस से उसके 60 साल के शासनकाल का हिसाब मांगा लिया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आरोप पर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "60 साल कांग्रेस ने क्या कर रही थी? आज तो कांग्रेस के नेता और राहुल गांधी घूम-घूमकर बयान दे रहे हैं कि पिछड़े-दलित को उनका हिस्सा नहीं मिला तो 60 साल में कांग्रेस ने कितना दिया, पहले ये बताओ।"
विपक्ष के चश्मे से विकास दिखाई नहीं देता-राजभर
राजभर ने जोर देकर कहा कि बीजेपी के शासनकाल में युवाओं की रोजगार की बात करें तो आज यहां सिर्फ यूपी में 9 लाख सरकारी नौकरी की भर्ती हुई है। रोजगार मेला लगाकर युवाओं को रोजगार देने का काम हो रहा है। काम तो सरकार कर ही रही है मगर विपक्ष के चश्मे से दिखाई नहीं देगा न। अब उनकी सरकार रहती तो दिखाई देता।
खरगे ने आरक्षण पर क्या कहा?
बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का एक बयान चर्चा में आ गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में एक लंबी पोस्ट के जरिए बीजेपी पर निशाना साधा है। पोस्ट में लिखा है- 'चोर दरवाज़ से मोदी सरकार ने आरक्षण खत्म करने की योजना रची !! 2015 में केंद्र सरकार में 4.21 लाख पद खाली थे। 2024 में यह संख्या बढ़कर 8.24 लाख हो गई। रेलवे में 2.40 लाख पद खाली हैं। डिफेंस में 2.41 लाख। गृह मंत्रालय में 1.10 लाख। PSU में 5.1 लाख स्थायी नौकरियां खत्म हो गईं। ठेका कर्मचारियों की हिस्सेदारी 19% से बढ़कर 49% हो गई।'
आरक्षण खत्म करने के लिए संविधान बदलना जरूरी नहीं-खरगे
'सवाल सिर्फ रोजगार का नहीं, सामाजिक न्याय का है। सरकारी पद खाली रखो तो आरक्षण का अवसर खत्म। PSU बेचो तो आरक्षित नौकरियां खत्म। स्थायी नौकरी को ठेके में बदलो तो आरक्षण खत्म। आरक्षण खत्म करने के लिए संविधान बदलना जरूरी नहीं, आरक्षण वाली नौकरियां खत्म कर देना ही काफ़ी है।सामाजिक न्याय विरोधी भाजपा का यही एजेंडा है। पद खाली रखो। PSU बेचो। ठेकेदारी बढ़ाओ। और SC, ST, OBC, EWS से उनका संवैधानिक हक छीन लो। बाबासाहेब के संविधान से मिले अधिकारों को षड्यंत्र के तहत खत्म करने की भाजपाई नीति का अब पर्दाफाश हो चुका है।'
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 25 August 2026 at 10:43 IST