TMC बागियों की लिस्ट में नाम, फिर PM मोदी की तारीफ... शत्रुघ्न सिन्हा को लेकर बढ़ी अटकलें तो आई सफाई, कहा- दीदी ने बुरे वक्त में...
TMC के बागी सांसदों की सूची में शत्रुघ्न सिन्हा का नाम आने के बाद अटकलें लग गईं। प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देने पर लोग कहने लगे कि वे पार्टी छोड़ रहे हैं। लेकिन सिन्हा ने साफ किया कि ममता बनर्जी ने उनके बुरे वक्त में साथ दिया था। इसलिए वे अब दीदी का साथ नहीं छोड़ सकते और मुश्किल समय में उनके साथ खड़े रहेंगे।
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तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद और मशहूर अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर पीएम मोदी को 12 साल पद पर रहने की बधाई दी, उन्हें समाज और राष्ट्र का दोस्त और मार्गदर्शक बताया।
शत्रुघ्न सिन्हा ने लिखा कि सच्ची खेल भावना के साथ वे प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं देते हैं। उन्होंने पीएम मोदी के लंबे, स्वस्थ और खुशहाल जीवन की कामना की और पोस्ट को जय हिंद के साथ खत्म किया।
शत्रुघ्न सिन्हा की यह पोस्ट इसलिए चर्चा का विषय बन गई है. क्योंकि शत्रुघ्न सिन्हा पहले बीजेपी में थे। बाद में वे विपक्षी खेमे में चले गए और अब TMC के सांसद हैं। हाल के सालों में वे बीजेपी की आलोचना करते रहे थे, इसलिए उनकी यह पोस्ट राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा में है।
TMC में बढ़ती अशांति
TMC में इन दिनों अंदरूनी कलह की खबरें आ रही हैं। कई बड़े नेता हाल ही में पार्टी छोड़ चुके हैं। कुछ सांसदों के अलग बैठने की मांग करने और विद्रोह की बात भी कही जा रही है।
क्या TMC छोड़ रहे शत्रुघ्न सिन्हा?
इस माहौल में शत्रुघ्न सिन्हा की यह पोस्ट आने से लोग सोच रहे हैं कि क्या वे TMC से अलग होने या ममता बनर्जी से नाता तोड़ने का संकेत दे रहे हैं? लेकिन शत्रुघ्न सिन्हा ने खुद अभी तक ऐसा कोई बयान नहीं दिया है कि वे पार्टी छोड़ रहे हैं। TMC की तरफ से भी इस पोस्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
केवल अटकलें या असली बदलाव?
शत्रुघ्न सिन्हा ने जल्द ही इन अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा “दीदी ने मेरे बुरे वक्त में मेरा साथ दिया था। अब मुश्किल समय में मैं उनका साथ नहीं छोड़ सकता।" उन्होंने आगे कहा, “अगर सच बोलना बगावत है, तो मैं भी बागी हूं। लेकिन मैं दीदी को कभी नहीं छोड़ूंगा।”
क्यों दीदी के साथ खड़े हैं?
शत्रुघ्न सिन्हा ने याद दिलाया कि 2019 में पटना से चुनाव हारने के बाद वे बहुत मुश्किल दौर से गुजर रहे थे। तब ममता बनर्जी ने उन्हें आमंत्रित किया और आसनसोल से लोकसभा चुनाव लड़वाया। वहां से वे दो बार सांसद चुने गए। उन्होंने कहा, “ममता जी ने मुझे मुश्किल वक्त में संभाला। अब उनका समय मुश्किल है, तो मैं उनका साथ नहीं छोड़ सकता।”
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 11 June 2026 at 20:38 IST