'मैं राहुल की इज्जत करता हूं, क्योंकि...', पहले कांग्रेस नेता की अहमियत बताई, फिर इंदिरा गांधी का नाम लेकर किरेन रिजिजू ने दिखा दिया आईना
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कोलंबिया में राहुल गांधी के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वो पहले ऐसे नेता प्रतिपक्ष हैं जो देश के बाहर जाकर देश के खिलाफ बयान देते हैं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कोलंबिया में दिए हालिया बयानों को लेकर चर्चा में बने हुए है। BJP उनपर हमलावर है और आरोप लगा रही है कि वो विदेश में भारत को बदनाम करने के एजेंडा पर काम करते हैं। इस बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मैं नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल की बहुत इज्जत करता हूं, मगर वो विदेश जाकर देश के बार में कुछ ऐसा कह देते हैं जो अशोभनीय होता है।
किरेन रिजिजू ने कहा, “मैं राहुल गांधी को इसलिए अहमियत देता हूं, इज्जत देता हूं क्योंकि वे नेता प्रतिपक्ष हैं। एक व्यक्ति के रूप में राहुल गांधी से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। मैं संसदीय कार्य मंत्री हूं, अगर हमारे नेता प्रतिपक्ष इस तरह गैर-जिम्मेदाराना बातें करेंगे, तो मुझे अच्छा नहीं लगेगा। अगर हम इतिहास देखें, तो इंदिरा गांधी भी नेता प्रतिपक्ष थीं। जब उनसे विदेश में पूछा गया कि भारत में आपके खिलाफ सरकार कार्रवाई करती है इसपर आपका क्या कहना है तो इंदिरा गांधी ने भी कहा था कि वे अपने देश और सरकार के बारे में देश के बाहर कुछ नहीं कहेंगी।”
इंदिरा गांधी भी विदेश में ऐसा काम नहीं करती थी-रिजिजू
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, "इंदिरा गांधी ही नहीं, उनके बाद जितने भी नेता प्रतिपक्ष आए, चाहे वह अटल बिहारी वाजपेयी हों, लाल कृष्ण आडवाणी हों, सुषमा स्वराज हों, शरद पवार हों, कई नेता प्रतिपक्ष हुए हैं, लेकिन मुझे एक भी नेता प्रतिपक्ष दिखाइए जिसने भारत के बाहर जाकर भारत के खिलाफ बयान दिया हो। राहुल गांधी पहले ऐसे नेता प्रतिपक्ष हैं जो देश के बाहर जाकर देश के खिलाफ बयान देते हैं।"
राहुल गांधी कोलंबिया में क्या कहा था?
बता दें कि राहुल गांधी कोलंबिया की यात्रा के दौरान मेडेलिन स्थित ईआईए विश्वविद्यालय में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में भाग लिया था। इस दौरान राहुल गांधी ने दावा किया कि भारत में लोकतंत्र गंभीर खतरे में है। उन्होंने कहा था, 'सबसे बड़ा खतरा भारत में लोकतंत्र पर हमला है क्योंकि भारत में कई धर्म, परंपराएं और भाषाएं हैं। भारत वास्तव में अपने सभी लोगों के बीच एक संवाद है और विभिन्न परंपराओं, धर्मों और विचारों के लिए जगह की आवश्यकता होती है। और उस जगह को बनाने का सबसे अच्छा तरीका लोकतांत्रिक व्यवस्था है और वर्तमान में भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था पर व्यापक हमला हो रहा है।'
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 5 October 2025 at 17:23 IST