INDIA Bloc Meeting: ढाक के तीन पात... 2 साल बाद INDI गठबंधन की बैठक, BJP के खिलाफ मैदान में उतरे 25 दल लेकिन नतीजा सिफर?

बीजेपी को चुनौती देने का दावा करने वाले INDI गठबंधन की बैठक पूरी हो गई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अगुवाई में 25 दलों के नेता एक मंच पर आए।

 
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2 साल बाद INDI गठबंधन की बैठक, BJP के खिलाफ मैदान में उतरे 25 दल लेकिन नतीजा सिफर? | Image: X

बीजेपी को चुनौती देने का दावा करने वाले INDI गठबंधन की बैठक पूरी हो गई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अगुवाई में 25 दलों के नेता एक मंच पर आए। उम्मीद थी कि कुछ ठोस, कुछ नया, कुछ ऐसा सामने आएगा जो सत्तापक्ष को असली चुनौती दे सके। लेकिन फोटो सेशन के बाद जब फैसलों की लिस्ट पढ़ी गई, तो सवाल उठा कि क्या इनमें से कोई भी बात पहले नहीं कही गई थी?

मतलब ऐसा है कि माथापच्ची घंटों चली, 25 विपक्षी दल एक साथ आए, और जब नतीजे आए तो लगा जैसे पुरानी फाइल खोलकर वही पुरानी इबारत फिर से पढ़ी गई। चलिए जानते हैं कि INDIA Alliance की इस बैठक में आखिर हुआ क्या?

पांच फैसले कौन-कौन से?

फैसला 1: SIR मुद्दे पर सीजेआई को पत्र

विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में हेरफेर और Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को जल्द पत्र सौंपा जाएगा। दिलचस्प बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट SIR पर अपना फैसला पहले ही सुना चुका है और उसी बेंच में खुद सीजेआई शामिल थे। ऐसे में यह पत्र व्यावहारिक रूप से कितना कारगर होगा, यह अलग बहस का विषय है।

फैसला 2: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

NEET और CBSE परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग। राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, विपक्ष के लगभग सभी बड़े चेहरे यह मांग पहले से करते आ रहे हैं। 25 दलों की सहमति से यह मांग फिर दोहराई गई। लेकिन सवाल ये छूट गया कि आखिर इसमें रणनीति क्या थी?

फैसला 3: बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के मुद्दे

गठबंधन ने कहा कि ये मुद्दे उठाते रहेंगे और केंद्र से सर्वदलीय बैठक की मांग करेंगे। दिलचस्प बात ये है कि संसद के पिछले तीन सत्रों में यही मुद्दे उठते रहे हैं। सड़क पर प्रदर्शन भी होते रहे। लेकिन इस बार की रणनीति अलग कैसे होगी, ये तो बिल्कुल समझ नहीं आया।

फैसला 4: हर दो महीने में बैठक

तय हुआ कि अगली बैठक अगस्त में हैदराबाद में होगी और आगे से हर दो महीने में मुलाकात होती रहेगी। गौर करने वाली बात यह है कि जो बैठक 8 जून को हुई, वह करीब एक साल के अंतराल के बाद हुई। इससे पहले आखिरी बड़ी बैठक जून 2024 में हुई थी।

फैसला 5: मानसून सत्र में संसदीय समन्वय

मानसून सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय में हर सुबह समन्वय बैठक होगी। संसद सत्रों से पहले फ्लोर स्ट्रैटेजी के लिए विपक्षी नेताओं की बैठकें पहले भी होती रही हैं। यह तय करना नई बात नहीं, यह मानक प्रक्रिया है।

जनता का रिएक्शन कैसा रहा?

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं बताती हैं कि आम समर्थक भी इस बैठक को लेकर उत्साहित नहीं दिखे। कुछ ने इसे "ड्रॉइंग रूम की बातचीत" कहा, कुछ ने "अस्तित्व बचाने की जुगत"। यह भी उल्लेखनीय है कि INDIA ब्लॉक में अब 28 की जगह 25 दल बचे हैं।

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Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 8 June 2026 at 23:35 IST