CBI अरेस्ट के खिलाफ केजरीवाल की जमानत याचिका पर बड़ा अपडेट, 17 जुलाई को दिल्ली HC करेगा सुनवाई
सीबीआई अरेस्ट के खिलाफ अरविंद की जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में 17 जुलाई को सुनवाई करेगा।
- भारत
- 2 min read
Delhi Liquor Case: दिल्ली शराब घोटाला मामले में सीबीआई अरेस्ट के खिलाफ अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। केजरीवाल की जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में 17 जुलाई को सुनवाई होगी।
न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने जमानत याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया और मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 जुलाई की तारीख निर्धारित की। केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता के भागने का खतरा नहीं है और न ही वह आतंकवादी हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय के धन शोधन मामले में जमानत मिलने के बाद गिरफ्तार किया है।
दिल्ली HC ने सीबीआई से मांगा जवाब
दिल्ली हाई कोर्ट ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से शुक्रवार को जवाब मांगा। सीबीआई की ओर से पेश वकील डीपी सिंह ने केजरीवाल की ओर से अधीनस्थ अदालत का रुख किए बगैर सीधे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने पर आपत्ति जताई। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल को सीबीआई ने 26 जून को तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया था।
12 जुलाई तक बढ़ाई गई कस्टडी
इससे पहले दिल्ली की एक अदालत ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की न्यायिक हिरासत अवधि बीते बुधवार को 12 जुलाई तक बढ़ा दी। सीएम केजरीवाल वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए स्पेशल जस्स्टिस कावेरी बावेजा के समक्ष पेश हुए। कोर्ट ने केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल को उनकी स्वास्थ्य जांच के दौरान सहायक के रूप में उपस्थित रहने की अनुमति देने संबंधी आवेदन पर अपना आदेश 6 जुलाई तक सुरक्षित रख लिया।
कार्यवाही के दौरान केजरीवाल ने अदालत से अपनी बात कहने की अनुमति मांगी लेकिन अदालत ने कहा कि उनके वकील पहले से ही उनकी बात रख रहे हैं। दिल्ली सीएम ने कहा कि उनकी पत्नी ने सालों से उनके स्वास्थ्य देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और चूंकि उन्हें उनकी बीमारियों व चिकित्सा इतिहास के बारे में विस्तृत जानकारी है, इसलिए उन्हें हर सप्ताह उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्रदान करना उचित और आवश्यक है।
याचिका में कहा गया है, "उनकी चिकित्सा देखभाल में पारदर्शिता न केवल कानूनी आवश्यकता है, बल्कि नैतिक चिकित्सा पद्धति का एक महत्वपूर्ण घटक भी है। इसलिए, आवेदक (अरविंद केजरीवाल) और उनकी पत्नी को उपचार के सभी पहलुओं के बारे में विधिवत जानकारी दी जानी चाहिए।”
(इनपुट भाषा)
Published By : Kanak Kumari Jha
पब्लिश्ड 5 July 2024 at 11:53 IST