अपडेटेड 10 April 2025 at 17:35 IST
तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण पर कांग्रेस श्रेय लूटने लगी, चिंदबरम बोले- ये यूपीए काल की जमीनी तैयारी का नतीजा
तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण को पी चिदंबरम ने यूपीए सरकार की तैयारी का नतीजा बता रहे हैं। चिदंबरम ने कहा कि ये यूपीए काल की जमीनी तैयारी के सालों का नतीजा है।
Tahawwur Rana extradition: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार में आतंकवादी तहव्वुर राणा का अमेरिका से प्रत्यर्पण हुआ है। दरकिनार नहीं किया जा सकता है कि तहव्वुर राणा ने सालों तक भारत आने से बचने के लिए तमाम कोशिशें कीं। अमेरिकी की अदालतों तक में इसकी याचिका लगी थीं। हालांकि भारत की पुख्ता दलीलों ने तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण का रास्ता बनाया, जो अब 26/11 मुंबई हमले के आतंकी के भारत पहुंचने के बाद सफल हुआ है। फिलहाल इसको लेकर कांग्रेस अपना श्रेय लेने के लिए आगे कूदी है।
कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने इसे 2014 के पहले की यूपीए सरकार की तैयारी का नतीजा बता रहे हैं। कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने गुरुवार को कहा कि ये यूपीए काल की जमीनी तैयारी के सालों का नतीजा है। सिर्फ इतना ही नहीं, यहां कांग्रेस नेता ने जिस सरकार में आतंकी आया है, उसका श्रेय लेने के लिए बीजेपी की आलोचना तक कर डाली है। पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री चिदंबरम ने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार ने प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू नहीं की, बल्कि उसे तत्कालीन यूपीए सरकार के तहत शुरू की गई रणनीतिक कूटनीति से लाभ हुआ है।
पी चिदंबरम ने बयान में और क्या कहा?
चिदंबरम ने एक बयान में कहा- 'फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खड़े होकर उस बात का श्रेय लेने की कोशिश की जो मूल रूप से यूपीए काल्यकाल के जमीनी काम का नतीजा था। 17 फरवरी तक भारतीय अधिकारियों ने 26/11 की साजिश में राणा की भूमिका की पुष्टि की, जो 2005 में शुरू हुई थी। आखिरकार 8 अप्रैल 2025 को अमेरिकी अधिकारियों ने राणा को भारतीय अधिकारियों को सौंप दिया। वो 10 अप्रैल को नई दिल्ली पहुंचा।'
अमेरिकी कोर्ट के 7 अप्रैल के फैसले ने साफ किया रास्ता
बताते चलें कि पाकिस्तानी-कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा 26/11 मुंबई हमले का मास्टरमाइंड है, जिसमें 174 लोग मारे गए थे। अमेरिकी विदेश मंत्री ने 11 फरवरी को भारतीय अधिकारियों को राणा के प्रत्यर्पण को अधिकृत करने वाले आत्मसमर्पण वारंट पर हस्ताक्षर किए थे। राणा के कानूनी वकील ने बाद में उस आदेश को चुनौती देने के लिए एक आपातकालीन स्थगन प्रस्ताव दायर किया। 7 अप्रैल को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राणा की प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की याचिका को खारिज कर दिया। इससे तहव्वुर राणा को भारत लाने का रास्ता साफ हो गया। कई घंटों के हवाई सफर के बाद तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाया जा चुका है।
Published By : Dalchand Kumar
पब्लिश्ड 10 April 2025 at 17:35 IST