'रानी के पेट से राजा जन्म नहीं लेगा...',आकाश आनंद पर मायावती के एक्शन को लेकर क्या बोल गए चंद्रशेखर आजाद?
बसपा प्रमुख मायावती द्वारा आकाश आनंद को पार्टी के सभी पदों से हटाए जाने पर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि ये बहनजी का अपना निर्णय है। वे अपनी पार्टी की मालिक हैं।
Mayawati: बसपा प्रमुख मायावती द्वारा आकाश आनंद को पार्टी के सभी पदों से हटाए जाने पर आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि ये बहनजी का अपना निर्णय है। वे अपनी पार्टी की मालिक हैं। मालिक जो भी निर्णय लेता है वो सोच समझ कर लेता है। उनके निजी फैसले पर मैं बहुत कुछ नहीं कहना चाहता। उनके फैसलों को असर समाज पर भी होता है।
चंद्रशेखर ने कहा कि आज बहुजन राजनीति की विचारधारा को लेकर चलने का काम हम कर रहे हैं। मैं उनका सम्मान करता हूं लेकिन पिछले 1 साल में जिस प्रकार के फैसले उनके द्वारा लिए गए लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने आकाश आनंद हटाया और फिर 2 महीने बाद फिर बना दिया और फिर 1 साल के अंदर ही फिर से हटा दिया। मुझे बाबा साहेब अंबेडकर की वह बात याद आती है जिसमें बाबा साहब ने कहा था रानी के पेट से राजा जन्म नहीं लेगा लेकिन आपने उसे सिद्धांत को ठुकरा कर समाज के ऊपर थोपने का काम किया और समाज ने उन्हें स्वीकार कर दिया।
बार-बार फैसले बदलने से समाज में भ्रम की स्थिति पैदा हुई- चंद्रशेखर
नगीना से सांसद ने कहा कि इस तरह के बार-बार के प्रयास से समाज में बेचैनी पैदा हुई। भ्रम की स्थिति पैदा हुई और इसका नुकसान हुआ। अब आपने फिर इस तरह का फैसला लिया और आपने लिया है तो बहुत सोच समझ कर लिया होगा। समाज को नहीं पता 6 महीने बाद आप क्या फैसला लेंगीं। कुछ दिन पहले आपने कहा था कि मैं उत्तराधिकारी बनाऊंगी और अब आप कह रही हैं कि मेरे जीते जी कोई उत्तराधिकारी नहीं होगा। मैं तो आपकी दीर्घायु की कामना करता हूं लेकिन इससे समाज में भ्रम की स्थिति बनी और राजनीतिक रूप से बहुजन समाज पार्टी का नुकसान हुआ।
अब समाज को यह फैसला लेना है- चंद्रशेखर
चंद्रशेखर ने कहा कि अब समाज को यह फैसला लेना है कि वह किसके साथ खड़ा है जहां ऐसा लगता है कि घर में कुछ बड़ा विवाद हुआ है. कोई इस तरह का विवाद चल रहा है जिसमें बार-बार आना-जाना चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ हम लोग सरकार से वैचारिक रूप से भी और सरकार की नीतियों का भी बड़े पैमाने पर विरोध और अपने समाज का संरक्षण करने के लिए सड़कों पर हैं। तमाम तरह की परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है लेकिन हमें अपनी चिंता नहीं हमें बहुजन की चिंता है। मुझे लगता है कि अब हमारी जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं हमें ज्यादा काम करना है। समाज में जो बची हुई आशा थी वह भी आज के निर्णय के बाद खत्म हो गई। मैं आकाश आनंद के लिए उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। जो काम हम कर रहे थे उन्हें और तेजी से आगे बढ़ने का काम करेंगे।
Published By : Deepak Gupta
पब्लिश्ड 2 March 2025 at 19:48 IST