'बैलेट पेपर पर चुनाव हुए, फिर एक ही सीट क्यों मिली?', EVM पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस पर राम कदम का तीखा प्रहार

भारतीय जनता पार्टी के नेता राम कदम ने चार राज्यों की 28 एमएलसी सीटों पर हुए चुनाव में महज एक सीट पर जीत करने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हमेशा अपनी हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ने वाली कांग्रेस को जवाब देना चाहिए कि बैलेट पेपर पर चुनाव होने के बाद भी वह कैसे हार गई।

 
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BJP Attacked on Congress: देश के चार बड़े राज्यों उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की 28 एमएलसी सीटों पर हुए चुनाव में एनडीए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 16 सीटों पर बड़ी जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस को महज 1 सीट से संतोष करना पड़ा। कांग्रेस की इस करारी हार पर तंज कसते हुए बीजेपी ने जोरदार हमला बोला और सवाल उठाया है कि हमेशा EVM पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस अब यह बताए कि बैलेट पेपर से हुए इस चुनाव में भी वह कैसे हार गई?

बीजेपी नेता राम कदम ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि देश के चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों पर हुए चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराए गए थे। इन चुनावों में कांग्रेस को महज एक सीट ही जीत सकी है, वह भी बेहद मामूली अंतर से। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने अकेले 13 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन एनडीए ने कुल 16 सीटों पर अपना परचम लहराया है।

'बैलेट पेपर पर चुनाव हुए, फिर क्यों हारी कांग्रेस?'

राम कदम ने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब भी कांग्रेस किसी चुनाव में हारती है, तो वह अपनी नाकामी का ठीकरा ईवीएम और चुनाव आयोग पर फोड़ने लगती है। लेकिन अब सवाल यह उठता है कि जब चुनाव पूरी तरह से बैलेट पेपर पर हुए, तब भी कांग्रेस को 28 में से सिर्फ एक ही सीट क्यों मिली? 27 सीटों पर कांग्रेस की जो दुर्गति हुई है, उसे पूरे देश ने साफ तौर पर देखा है। उन्होंने चुनौती देते हुए पूछा कि क्या बार-बार ईवीएम को दोष देने वाली कांग्रेस के पास बैलेट पेपर पर मिली इस करारी हार का कोई जवाब है?

बीजेपी ने इतिहास का जिक्र कर क्या कहा?

भाजपा नेता ने अपनी पार्टी का उदाहरण देते हुए बताया कि हमने कभी भी अपनी हार के लिए किसी और को जिम्मेदार नहीं ठहराया। उन्होंने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि साल 1984 के 8वें लोकसभा चुनाव में भाजपा पूरे देश में चुनाव हार गई थी और पार्टी के कई दिग्गज नेताओं को हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद केवल दो ही सीटें चुनकर आ सकी थीं। उस दौर में भी बीजेपी ने अपनी हार का ठीकरा चुनाव आयोग या किसी अन्य पर नहीं फोड़ा, बल्कि आत्मचिंतन और आत्ममंथन किया। जमीन पर कड़ी मेहनत की और अपने कर्मठ कार्यकर्ताओं के बल पर दोबारा सफलता हासिल की।

संविधान की दुहाई देने वाले आत्मचिंतन करें- राम कदम

इस दौरान उन्होंने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि बार-बार संविधान की दुहाई देने वाले, चुनाव आयोग को बदनाम करने वाले कांग्रेस को अब अपनी सोच बदलनी होगी। राम कदम ने तंज कसते हुए कहा कि जिस दिन कांग्रेस अपनी हार का आत्मचिंतन करना शुरू कर देगी, उस दिन उन्हें असलियत का एहसास होगा। उन्हें समझ आएगा कि उनकी हार का ठीकरा उनके अपने दुष्कर्म हैं।

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Published By : Priyanka Yadav

पब्लिश्ड 29 October 2026 at 11:50 IST