अपडेटेड 5 January 2026 at 19:06 IST
राजस्थान कांग्रेस सांसदों का पैसा जा रहा हरियाणा, BJP ने लगाया बड़ा आरोप; अमित मालवीय ने इन 3 MP का लिया नाम
भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कांग्रेस पर बड़े आरोप लगाए हैं। यहां तक कि उन्होंने कांग्रेस को धोखेबाज पार्टी तक करार दिया।
Rajasthan Politics: राजस्थान कांग्रेस के तीन सांसदों की तरफ से हरियाणा के कैथल विधानसभा क्षेत्र में सांसद फंड से विकास कार्यों पर किए गए खर्च को लेकर बवाल मच गया है। भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इसे लेकर कांग्रेस को घेरा है। उन्होंने कांग्रेस को सबसे बड़ी धोखेबाज पार्टी करार दिया।
अमित मालवीय ने अपने एक्स हैंडल पर ट्वीट कर लिखा, 'कांग्रेस से बड़ी कोई धोखेबाज पार्टी नहीं हो सकती। इस बार निशाने पर राजस्थान के लोग हैं।'
मालवीय ने किन 3 सासंदों का लिया नाम?
उन्होंने आगे लिखा, ‘राजस्थान के करदाताओं के पैसे का खुला दुरुपयोग करते हुए कांग्रेस के तीन सांसद-संजना जाटव (भरतपुर), राहुल कसवां (चूरू) और बृजेंद्र सिंह ओला (झुंझुनू) ने अपने एमपीएलएडी फंड हरियाणा के कैथल विधानसभा क्षेत्र में खर्च करने की सिफारिश की है, जो कि कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला के बेटे का निर्वाचन क्षेत्र है।’
‘राजस्थान का पैसा हरियाणा में क्यों दिया जा रहा?’
मालवीय ने कहा कि यह सब कुछ सिर्फ पिछले 3-4 महीनों के भीतर हुआ है। यह विकास नहीं, वंशवाद और जनता के पैसे की खुली लूट है। उन्होंने सवाल किया कि राजस्थान के लोगों का पैसा सुरजेवाला जूनियर को हरियाणा में क्यों दिया जा रहा है? उन्होंने कैथल विधानसभा क्षेत्र में राजस्थान कांग्रेस के तीनों सांसदों की ओर से खर्च की गई राशि का ब्यौरा भी सार्वजनिक किया।
आरोप है कि तीनों कांग्रेस सांसदों के क्षेत्रों के विकास कार्य अधूरे हैं, इसके बावजूद वह अपनी सांसद निधि का बड़ा हिस्सा हरियाणा के कैथल जिले में भेज रहे हैं।
आरोपों पर क्या बोले नेता प्रतिपक्ष जूली?
वहीं मामले पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो केंद्र में बीजेपी की सरकार है और अधिकारी भी उनके ही हैं। इसकी जांच की जानी चाहिए।
MPLADS क्या है?
MPLADS 1993 में शुरू हुई केंद्र सरकार की योजना है। मौजूदा समय में हर सांसद को अपने क्षेत्र के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये हर साल मिलते हैं। सांसद अपने क्षेत्र के बाहर अधिकतम 25 लाख प्रति वर्ष ही खर्च कर सकता है। इसके अलावा आपदा जैसी स्थिति में 1 करोड़ रुपये तक दिया जा सकता है।
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 5 January 2026 at 19:06 IST