अपडेटेड 1 April 2025 at 16:51 IST

'RSS की परेड हवा में उड़कर कर रहे हैं? हमको भी रोड पर...', सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने के आदेश पर भड़के ओवैसी ने उठाए सवाल

ओवैसी ने कहा, 'आपने महाकुंभ किया बढ़िया किया लेकिन इसका मतलब ये तो नहीं है न कि इस देश में एक ही धर्म के त्योहारों को मनाएंगे।'

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उत्तर प्रदेश में सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने के आदेश पर भड़के ओवैसी ने उठाए सवाल | Image: Video Grab

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस के तहत ईद के दिन सड़कों पर नमाज बैन के बाद अब हैदराबाद से सांसद और एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सीएम योगी के इस आदेश पर बयान जारी करते हुए अपनी बौखलाहट जाहिर की है। हैदराबाद के सांसद ने RSS की परेड और कांवड़ यात्रा पर निशाना साधा है। ओवैसी ने कहा कि आप क्या बाकी धर्मों के त्योहारों को हवा में मनाते हो? इस देश में सभी धर्मों के त्योहार सड़कों पर मनाए जा सकते हैं। तब पूरे देश में किसी को कोई परेशानी नहीं होती है लेकिन जब बात मुस्लिम धर्म के त्योहारों की आती है तो सबको परेशानी दिखाई देती है सिर्फ मुस्लिम धर्म के त्योहारों से ही आपको आपत्ति क्यों है?


सीएम योगी के आदेश को लेकर जब पत्रकारों ने ओवैसी से सवाल पूछे तो उन्होंने इस आदेश पर अपनी बौखलाहट जारी करते हुए कहा, 'हेलिकॉप्टर से फूल बरसाना वा अलाउड है... कांवड़ यात्रा सड़कों पर ही निकलती है... अभी आरएसएस की परेड हुई वो भी सड़कों पर ही निकली है वो लोग क्या हवा में उड़कर कर रहे हैं? तो ऐसे में हमको सड़क पर नमाज पढ़ने से रोक क्यों है? हमको भी रोड पर करने दीजिए... जब कांवड़ यात्रा सड़क पर करते हैं तो सड़क पर ईद की नमाज से क्यों आपत्ति है? जब हर धर्म का त्योहार रोड पर होता है और उससे किसी को तकलीफ नहीं है तो फिर सिर्फ मुस्लिम धर्म से क्यों तकलीफ हो रही है आपको? वहीं इसके बाद पत्रकारों ने महाकुंभ को लेकर सवाल किया तो ओवैसी ने जवाब देते हुए कहा कि हां तो ठीक है कुंभ में कितने लोग जख्मी हुए कितने मर गए उसके बारे में तो नहीं बता रहे हैं न।'


संविधान से टकराती है आरएसएस की आइडियोलॉजीः ओवैसी

असदुद्दीन ओवैसी इतने पर ही चुप नहीं हुए उन्होंने अपना सीएम योगी के सड़कों पर ईद नहीं अदा किए जाने के फरमान पर अपनी भड़ास निकालते हुए आगे कहा, 'ठीक है आपने महाकुंभ किया बढ़िया किया लेकिन इसका मतलब ये तो नहीं है न कि इस देश में एक ही धर्म के त्योहारों को मनाएंगे। क्या इस देश का एक ही रिलिजन है बताइए? इस देश की खूबसूरती इसका प्रोविजन डायवरसिटी है। इस देश का कोई रिलिजन है ही नहीं। ये देश हर रिलिजन के फेस्टिवल को सेलिब्रेट करता है और जो नहीं मानता है किसी भगवान अल्लाह को उसको भी सेलिब्रेट करता है। आप तो सिर्फ एक आइडियोलॉजी की बात करते हैं और वो आइडियोलॉजी आरएसएस की आइडियोलॉजी है जो संविधान से टकराती है।'


वक्फ संसोधन बिल पर ओवैसी ने जताया विरोध

AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ प्रोग्राम बनाया है, वह सही प्रोग्राम है। दिल्ली में भी ऐसा ही प्रदर्शन हुआ था। यह विधेयक असंवैधानिक है। यह हमारी धार्मिक आजादी को छीनता है। यह मुसलमान के वक्फ बोर्ड में गैर-मुसलमान को सदस्य बना कर उसके कामकाज में रुकावट पैदा करना चाहते हैं, यह आर्टिकल 14, 25 और 26 का उल्लंघन है। इसलिए ये प्रोटेस्ट हो रहा है। ओवैसी ने कहा कि जब किसी और धर्म के बोर्ड में उसी धर्म के लोग मेंबर बन सकतें है तो इस वक्फ बोर्ड में दूसरे धर्म का मेंबर कैसे बन सकता है? जब वहां पर 'लिमिटेशन एक्ट' अप्लाई नहीं होता तो यहां पर 'लिमिटेशन एक्ट' अप्लाई कैसे हो सकता है? जो लोग एन्क्रोचर हैं, उन्हें मलिक बनाना चाह रहे हैं और बक्फ बाईयूजर को इस तरह रख रहे हैं कि डिस्प्यूट है या गवर्नमेंट प्रॉपर्टी पर वक्फ पोजीशन नहीं होगा।

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Published By : Ravindra Singh

पब्लिश्ड 1 April 2025 at 16:51 IST