'अखिलेश जी सत्ता पाने के लिए परेशान हैं, वो सोचते हैं कि ऐसा क्या बोल दें कि...', ओपी राजभर ने सपा प्रमुख पर साधा निशाना

ओपी राजभर ने तंज कसते हुए कहा, अखिलेश यादव सत्ता हासिल करने के लिए बेचैन हैं, इसलिए उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकास कार्यों में कुछ भी अच्छा नहीं दिख रहा।

 
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Om Prakash Rajbhar & Akhilesh Yadav | Image: Republic

केंद्र सरकार द्वारा UPI पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के ऐलान के बाद देशभर में इस मुद्दे पर तीखी बहस छिड़ गई है। विपक्षी दल लगातार इस नई नीति पर सवाल उठा रहे हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी UPI पर लगने वाले नए शुल्क के साथ-साथ एक्सप्रेसवे और ऑनलाइन पेमेंट समेत कई मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। अखिलेश यादव के इन आरोपों का जवाब अब योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अपने अंदाज में दिया है।

विश्वकर्मा जयंती पर लखनऊ में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने यूपी के एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता और UPI शुल्क को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी के समय होने वाले निर्माण कार्यों में काम पूरा होने से पहले खराब होने की शिकायतें आने लगती है। उनके आरोपों पर पलटवार करते हुए अब मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि मोदी जी के विकास के काम उन्हें पसंद नहीं आ रहे हैं।

अखिलेश जी सत्ता हासिल करने के लिए बेचैन-राजभर

राजभर ने तंज कसते हुए कहा, अखिलेश यादव सत्ता हासिल करने के लिए बेचैन हैं, इसलिए उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकास कार्यों में कुछ भी अच्छा नहीं दिख रहा। वह सोचते हैं कि ऐसा क्या बोल दे कि सत्ता मिल जाए। सड़क बन रही हैं तो निश्चित रूप से सड़कें टूटती भी हैं तब फिर से उसे ठकेदार बनाता है लेकिन इस पर वह कहते हैं कि क्यों टूट गई, अगर उन्हें ये कहना है तो उन्हें अपने कार्याकाल की सड़कों को ध्यान में रखकर बोलना चाहिए कि उनकी सरकार में क्या होता था।"

September 17, 2026

MDR को लेकर अखिलेश यादव ने क्या कहा?

बता दें कि अखिलेश यादव ने MDR को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने नोटबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कहा गया था कि इसका असर बड़े लोगों पर होगा, लेकिन नुकसान आम जनता को उठाना पड़ा। अब UPI को भी पैसा लेने और चुंगी वसूलने की व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। पहले लोगों को ट्रिलियन इकोनॉमी का सपना दिखाया जा रहा था, लेकिन अब लेनदेन पर भी शुल्क लगाने जा रहे हैं।

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 17 September 2026 at 21:09 IST