'बच्चे डिप्रेशन में चले गए, एक छात्र ने सुसाइड कर लिया...', NEET पेपर लीक मुद्दे पर भड़के AIMIM नेता वारिस पठान, सरकार से की ये मांग

एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने नीट पेपर लीक और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार की नाकाम नीतियों के कारण आम जनता को परेशानी हो रही है।

Follow :  
×

Share


Waris Pathan | Image: ANI

Waris Pathan: AIMIM नेता वारिस पठान ने नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द किए जाने को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पेपर लीक को छात्रों के भविष्य के साथ 'खिलवाड़' बताया।

इसके साथ ही उन्होंने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर भी सरकार से तीखे सवाल किए। उन्होंने कहा कि सरकार की नाकाम नीतियों की वजह से आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।

नीट अभ्यर्थी की मौत पर वारिस पठान का प्रहार

वारिस पठान ने कहा, 'नीट पेपर लीक को 23 लाख छात्रों के भविष्य की बर्बादी बताया। उन्होंने कहा, 'छात्रों का मनोबल गिरा दिया गया है। बच्चे डिप्रेशन में चले गए हैं। इतना ही नहीं, एक लड़के ने सुसाइड भी कर लिया है। मैं कहूंगा कि छात्र ने सुसाइड नहीं किया है, बल्कि ये 'कोल्ड ब्लडेड मर्डर' है। इसकी पूरी की पूरी जवाबदेही बीजेपी सरकार की है।'

यह पहली बार नहीं हुआ- वारिस पठान

उन्होंने आगे कहा, 'यह पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले 2024 में भी ऐसा ही हुआ था। एक छात्र दो साल तक मेहनत करता है, पढ़ाई करता है। उसके साथ-साथ उसके माता-पिता भी मेहनत करते हैं। खर्चा होता है वो परीक्षा देते हैं। अच्छा एग्जाम होता है। लेकिन फिर एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) आकर कहती है कि पेपर लीक हो गया है और इसलिए परीक्षा रद्द कर दी गई।'

'NTA के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए'

AIMIM नेता कहा कि एनटीए के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने एनटीए की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की। इस दौरान उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की चुप्पी की भी तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा, 'अब सीबीआई जांच बैठा दी गई है। जब तक सीबीआई की रिपोर्ट आएगी तब तक कितने ही बच्चे एमबीबीएस और डॉक्टर बन चुके होंगे। हमारी सरकार से गुहार है कि छात्रों की पूरी फीस वापस की जाओ और उन्हें मुआवजा दिया जाए।'

सरकार से की री-एग्जाम का पूरा खर्च उठान की मांग

गौरतलब है कि नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द करने के बाद दोबारा पेपर की नई तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। परीक्षा का आयोजन अब 21 जून को किया जाएगा। इसे लेकर वारिस पठान ने कहा, 'री-एग्जाम का पूरा खर्च भी सरकार को उठाना चाहिए। क्योंकि आपकी लापरवाही के कारण छात्रों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ा है। वरना संवैधानिक तरीके से सड़कों पर उतरना पड़ेगा तो उतरेंगे। कोर्ट कचहरी का दरवाजा खटखटाना पड़ा तो भी खटखटाएंगे, क्योंकि यह भारत के भविष्य का सवाल है। सरकार की फेलियर का और एक नतीजा आपके सामने है।'

PM मोदी के UAE दौरे पर उठाए सवाल

वारिस पठान ने पीएम की अपील को लेकर कहा, 'सरकार की नाकाम नीतियों की वजह से आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। महंगाई की मार आम आदमी को पड़ रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की थी कि अगर जरूरी न हो तो विदेश यात्रा न करें और फिर खुद ही 5 देशों के दौरे पर चले गए। भारत के मुसलमानों के लिए लिए उनके दिल में जहर भरा है। हर दिन गालियां, कठमुल्ला इत्यादि बोलते हैं, लेकिन यूएई में मुसलमान से गले मिल रहे हैं। वहां मोहब्बत और यहां के मुसलमानों से नफरत? 

यह भी पढ़ें: NEET Paper Leak: मास्टरमाइंड मनीषा मंधारे को कोर्ट ने 14 दिन की CBI हिरासत में भेजा, सुनवाई के दौरान खुले चौंकाने वाले राज

Published By : Priyanka Yadav

पब्लिश्ड 17 May 2026 at 17:24 IST