AAP की हार के बाद पंजाब में सियासी तूफान, खतरे में भगवंत मान की कुर्सी? केजरीवाल ने आनन-फानन में दिल्ली में क्यों बुलाई बैठक
दिल्ली चुनाव में हार के बाद पंजाब में उठे सियासी तूफान के बीच दिल्ली में AAP अहम बैठक हो रही है। केजरीवाल की बुलाई इस बैठक पर कई सवाल भी उठ रहे हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार पर आम आदमी पार्टी (AAP) मे मंथन जारी है। पार्टी को हार राष्ट्रीय राजधानी में मिली है, मगर सियासी हलचल पंजाब में भी तेज हो गई है। ऐसे में सवाल ये उठने लगे हैं कि क्या पंजाब सीएम भगवंत मान की कुर्सी पर भी खतरा है। इस बीच AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल मंगलवार को दिल्ली में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, राज्य के मंत्रियों और पार्टी विधायकों के साथ बैठक कर रहे हैं। इस बैठक पर भी दिल्ली से लेकर पंजाब तक कई तरह की अटकलें लगाई जा रही है।
AAP की इस बैठक पर BJP नेताओं की लगातार प्रतिक्रिया आ रही है। बीजेपी दावा कर रही है कि दिल्ली हारने के बाद अब केजरीवाल पंजाब का मुख्यमंत्री बनने के लिए रास्ते तलाश रहे हैं। यह बैठक दिल्ली विधानसभा चुनावों में आप की करारी हार और पार्टी की पंजाब इकाई में बढ़ते असंतोष की अटकलों के बीच हो रही है। ऐसे में सबकी नजरें बैठक पर टिकी है कि आखिरकार केजरीवाल ने आनन-फानन में पंजाब से सभी विधायकों और मंत्रियों को दिल्ली क्यों बुलाया है।
केजरीवाल पंजाब का CM बनना चाहते हैं-मनजिंदर सिरसा
सियासी गलियारों ये भी चर्चा है कि केजरीवाल पंजाब सरकार पर सीधा नियंत्रण चाहती है। दिल्ली में अपनी घटती पकड़ और कानूनी परेशानियों की वजह से वो पंजाब में खुद को बतौर मुख्यमंत्री पेश करने का रास्ता तलाश रहे हैं। बीजेपी नेताओं के बयान इस पर मुहर पर भी लगा रही है। राजौरी गार्डन विधानसभा सीट से भाजपा के विजयी उम्मीदवार मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, अरविंद केजरीवाल अब पंजाब का मुख्यमंत्री बनने के लिए रास्ते तलाश रहे हैं। वे दिल्ली में हारे हैं और उन्होंने पंजाब के विधायकों की बैठक बुलाई है। वे दिखाना चाहते हैं कि भगवंत मान फेल हो गए हैं, विधायकों से कहलवाया जाएगा कि यहां के हालात बहुत खराब हैं, आप पंजाब को बचाइए।
दिल्ली चुनाव की हार पर मंथन
हालांकि, AAP के नेता ऐसे दावों को खारिज कर रहे हैं। वहीं, मान के समर्थकों का कहना है कि यह उनके खिलाफ एक साजिश है। AAP पंजाब अध्यक्ष और पंजाब सरकार में मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा, अरविंद केजरीवाल के साथ हमारी समय-समय पर बैठकें और चर्चाएं होती रहती हैं। हम सब काफी समय से चुनावों में व्यस्त थे, लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव के कारण, इसलिए अब उन्होंने बैठक बुलाई है। पंजाब के सभी विधायकों ने दिल्ली चुनाव में बहुत मेहनत की है, इसलिए शायद वह उस पर भी प्रतिक्रिया लेना चाहते हैं।
BJP के दावे को AAP ने किया खारिज
वहीं, पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान ने पंजाब के विधायकों और मंत्रियों की अरविंद केजरीवाल से मुलाकात पर कहा, किसी भी काम के होने के बाद उसकी समीक्षा करना बहुत जरूरी है। हमारे नेता अरविंद केजरीवाल जुझारू हैं, वो अलग हटकर सोचते हैं। यह बैठक पार्टी को मजबूत करने, सरकार को लोगों के लिए बेहतर काम करने के लिए है।कोई दिक्कत नहीं है। पंजाब में बहुत अच्छी सरकार चल रही है और लोगों की सेवा कर रही है।
बाजवा के दावे से उठी सियासी तूफान
बता दें कि दिल्ली चुनाव परिणाम आने के बाद पंजाब के नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने बीते दिन अपने एक बयान में कहा था कि आम आदमी पार्टी के करीब 30 विधायक उनके संपर्क में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अरविंद केजरीवाल और पंजाब के CM भगवंत मान ने पंजाबियों को बेवकूफ बनाने और वोट लेने के लिए कई बड़े-बड़े वादे किए थे AAP ने अबतक महिलाओं को 1000 रुपये हर महीने नहीं दिए हैं। ऐसे में कई विधायक नाराज है। बाजवा के इस दावे के बाद से ही पंजाब में सियासी हलचल बढ़ गई है। अब बैठक के बाद चीजें सामने आने की उम्मीद है कि आखिरकार केजरीवाल पंजाब को लेकर क्या सोच रहे हैं।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 11 February 2025 at 12:47 IST