अपडेटेड 2 March 2026 at 07:22 IST
Israel-Iran war: 'लड़ाई जल्द खत्म करने की जरूरत', मिडिल ईस्ट में जंग के बीच PM मोदी ने नेतन्याहू और UAE के राष्ट्रपति से की फोन पर बात
Israel Iran war: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच पीएम मोदी ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और UAE के राष्ट्रपति से फोन पर बात की। उन्होंने मौजूदा हालातों पर चिंता जताई है।
PM Modi news: मिडिल ईस्ट में तेजी से बिगड़ रहे हालात के बीच रविवार (1 मार्च) रात पीएम नरेंद्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की। उन्होंने मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई। साथ ही यह भी कहा कि नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता है। नेतन्याहू से पहले पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति से भी बात की और वहां हुए हमलों की कड़ी निंदा की।
इजरायल के ईरान पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। कई देश इस भीषण जंग की चपेट में आ गए हैं। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई समेत कई बड़े नेता मारे गए हैं। वहीं, ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई में कई देशों पर हमले किए हैं।
आम लोगों की सुरक्षा प्राथमिकता- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने इजरायली प्रधानमंत्री से फोन पर बातचीत की जानकारी एक्स पर दी। उन्होंने कहा कि मौजूदा पर चर्चा करने के लिए PM बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात हुई। हाल के घटनाक्रम पर भारत की चिंताएं बताईं और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। भारत ने लड़ाई जल्द खत्म करने की जरूरत दोहराई।
UAE में हमलों की निंदा की
प्रधानमंत्री ने एक अन्य पोस्ट में बताया कि UAE के प्रेसिडेंट, मेरे भाई शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की। UAE पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और इन हमलों में हुई जानमाल के नुकसान पर दुख जताया। भारत इस मुश्किल समय में UAE के साथ खड़ा है। उन्होंने बताया कि फोन पर बातचीत के दौरान UAE में रहने वाले भारतीय समुदाय का ध्यान रखने के लिए उन्हें धन्यवाद भी दिया। पीएम ने कहा कि हम तनाव कम करने, इलाके में शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करते हैं।
CCS की भी हुई बैठक
इस बीच पश्चिम एशिया में पैदा हुए गंभीर तनाव को लेकर रविवार (1 मार्च) को ही प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की हाई-लेवल बैठक भी हुई। मीटिंग करीब तीन घंटे तक चली, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ ही गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, NSA अजित डोभाल और विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री शामिल रहे। बैठक में ईरान-इजरायल युद्ध और भारत पर इसके प्रभाव को लेकर चर्चा की गई।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, फंसे लोगों की सुरक्षा और स्थिति बिगड़ने पर उससे निपटने के तरीकों पर चर्चा हुई है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 2 March 2026 at 07:22 IST