'भारत-पोलैंड की दोस्ती केवल कूटनीतिक समन्वय पर नहीं है बल्कि मानवता और संवेदना की साझी विरासत...', डोनाल्ड टस्क से मुलाकात के बाद बोले PM मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और पोलैंड की दोस्ती केवल कूटनीतिक समन्वय पर नहीं है बल्कि मानवता और संवेदना की साझी विरासत पर आधारित है।
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PM Modi: पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क तीन दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने आज दिल्ली के हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी से मुलाकात की। इसके बाद दोनों नेताओं ने उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेस की। पीएम मोदी ने कहा कि हमारी संस्कृति और लोगों के बीच के आपसी संबंध ही हमारे रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत हैं।
पीएम मोदी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'हमें खुशी है कि पोलैंड में संस्कृत अध्ययन और इंडोलॉजी (भारतीय अध्ययन) की एक बहुत पुरानी परंपरा रही है। वास्तव में हमने क्राको शहर में भारतीय अध्ययन के लिए एक 'चेयर' स्थापित की है। आज हम संस्कृति और शिक्षा के साथ-साथ खेल और पर्यटन के क्षेत्रों में भी सहयोग को और मजबूत करने पर सहमत हुए हैं।'
'भारत और पोलैंड की दोस्ती…'
उन्होंने आगे कहा, 'भारत और पोलैंड की दोस्ती केवल कूटनीतिक समन्वय पर नहीं है बल्कि मानवता और संवेदना की साझी विरासत पर आधारित है। 2022 में यूक्रेन से हमारे छात्रों की सुरक्षित वापसी में सहयोग देकर पोलैंड ने मानवता की इसी भावना को आगे बढ़ाया था। आज विश्व अनिश्चितता और बदलाव के दौर से गुजर रहा है। भारत यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट ने हमारे अवसरों को ज्यादा व्यापक बनाया है। इस समझौते के लागू होने से भारत से पोलैंड में मशीनरी, केमिकल और प्लास्टिक के निर्यात के अवसर खुलेंगे। मुझे विशेष खुशी है कि प्रधानमंत्री जी एक बड़े बिजनेस डेलिगेशन के साथ भारत आए हैं।'
PM मोदी पोलैंड कंपनियों को किया आमंत्रित
पीएम मोदी ने कहा, 'आज हमने रक्षा, अंतरिक्ष और ऊर्जा के क्षेत्रों में अपने संबंधों को और गहरा करने पर सहमति जताई है। इन सभी रणनीतिक क्षेत्रों में, हम पोलैंड की कंपनियों को भारत के साथ मिलकर विकास और उत्पादन करने के लिए आमंत्रित करते हैं। हम महत्वपूर्ण खनिजों और कोयला गैसीकरण के क्षेत्र में पोलैंड की विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए नई साझेदारियां भी बनाएंगे।'
‘संस्कृति और आपसी संबंध हमारे रिश्ते की ताकत’
वे कहते हैं, 'IT और साइबर सुरक्षा के क्षेत्रों में हमारे संबंध पहले से ही काफी मजबूत हैं और कई भारतीय IT कंपनियां पोलैंड में काम कर रही हैं। इसी सहयोग को आगे बढ़ाते हुए हमने 'भारत-पोलैंड स्टार्टअप ब्रिज' स्थापित करने का निर्णय लिया है। हम दोनों देशों के युवाओं के लिए टेक्नोलॉजी हैकाथॉन का भी आयोजन करेंगे। ये पहल AI, साइबर सुरक्षा, फिनटेक और अन्य उभरती हुई तकनीकों में हमारे सहयोग को नई गति देंगी, साथ ही दोनों देशों के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेंगी। हमारी संस्कृति और लोगों के बीच के आपसी संबंध ही हमारे रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत हैं।'
'भारत शांति की दिशा में किए गए प्रयास का समर्थक'
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि IT और साइबर सिक्योरिटी में हमारे संबंध पहले से ही मजबूत हैं। कई भारतीय IT कंपनियां भारत में काम कर रही हैं। इस सहयोग को आगे बढ़ाते हुए हमने भारत पोलैंड स्टार्टअप ब्रिज स्थापित करने पर सहमति बनाई है। भारत शांति की दिशा में किए गए हर सार्थक प्रयास का समर्थन करता रहेगा।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 22 October 2026 at 14:51 IST