युद्ध के बीच PM मोदी का मास्टरस्ट्रोक... तेल-LPG तो छोड़िए अब रूस से LNG खरीदने की तैयारी, टैरिफ की धमकी देने वाले ट्रंप भी नहीं रोक पाएंगे
मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच भारत अपने पुराने 'दोस्तों' के साथ अपने रिश्ते दोबारा मजबूत करने में जुट गया है।
मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच भारत अपने पुराने 'दोस्तों' के साथ अपने रिश्ते दोबारा मजबूत करने में जुट गया है। आपको बता दें कि एक बड़ी कूटनीतिक जीत में रूस यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद पहली बार लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की सीधी बिक्री फिर से शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
रॉयटर्स के सूत्रों के मुताबिक, अगर भारत इस सौदे को आगे बढ़ाने का फैसला करता है, जिसमें पश्चिमी प्रतिबंधों का उल्लंघन होने का जोखिम है, तो बातचीत कुछ ही हफ्तों में पूरी हो सकती है।
40% तक पहुंच सकती है भारत की कुल आयात
सूत्रों के मुताबिक, रूसी अधिकारियों ने भारत को कच्चे तेल की बिक्री बढ़ाने पर भी सहमति जताई। इस बातचीत से जुड़े तीन लोगों के मुताबिक, करीब एक महीने के अंदर यह बिक्री जनवरी के स्तर से दोगुनी होकर भारत के कुल आयात का कम से कम 40% तक पहुंच सकती है।
यूक्रेन पर हमले के बाद रूस ने अपने कच्चे तेल पर भारी छूट दी थी, और भारत उसका एक बड़ा खरीदार बन गया। यह बात ट्रंप प्रशासन के साथ विवाद का एक मुद्दा भी बनी थी। दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल आयातक और उपभोक्ता देश भारत ने पिछले साल मॉस्को से करीब 44 अरब डॉलर का कच्चा तेल खरीदा था।
अमेरिका इस बार कुछ नहीं कर पाएगा?
इस डील के शुरू होने से पहले कई जानकारों को अमेरिकी टैरिफ की चिंता भी सता रही है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली ने संभावित प्रतिबंधों में छूट के बारे में पहले ही वॉशिंगटन से संपर्क कर लिया है।
जब इस बारे में भारत के विदेश और पेट्रोलियम मंत्रालयों से सवाल किया गया तो उन्होंने इस संभावित LNG डील को लेकर कोई जवाब नहीं दिया। हालांकि, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इशारों-इशारों में कहा था कि एनर्जी सप्लाई, जिसमें LNG भी शामिल है, को सुरक्षित करने के लिए भारत कई देशों के साथ बातचीत कर रहा है।
Published By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 27 March 2026 at 16:38 IST