PM मोदी करेंगे SOUL लीडरशिप कॉन्क्लेव का उद्घाटन, भूटान के प्रधानमंत्री देंगे भाषण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 फरवरी को सुबह 11 बजे नई दिल्ली के भारत मंडपम में SOUL लीडरशिप कॉन्क्लेव के पहले संस्करण का उद्घाटन करेंगे।

Follow :  
×

Share


PM मोदी | Image: X

SOUL Leadership Conclave : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 फरवरी को सुबह 11 बजे नई दिल्ली के भारत मंडपम में SOUL लीडरशिप कॉन्क्लेव के पहले संस्करण का उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर वह उपस्थित लोगों को संबोधित भी करेंगे। इस भव्य आयोजन में भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और खास भाषण देंगे।

2 दिवसीय यह कॉन्क्लेव राजनीति, खेल, कला, मीडिया, आध्यात्मिकता, सार्वजनिक नीति, व्यापार और सामाजिक क्षेत्रों के दिग्गजों को एक मंच पर लाएगा। यहां प्रतिष्ठित नेता अपनी प्रेरक जीवन यात्राएं साझा करेंगे और नेतृत्व से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन करेंगे।

स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप को PM ने दी बधाई

मीडिया रिपोर्टर्स के मुताबिक, कॉन्क्लेव सहयोग और विचार नेतृत्व के एक पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देगा, जिससे युवाओं को विफलताओं और सफलताओं दोनों से सीखने का अवसर मिलेगा। स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप (एसओयूएल) गुजरात में एक संस्थान है, जो प्रामाणिक नेताओं को सार्वजनिक भलाई के लिए आगे बढ़ाने में सक्षम बनाता है। इसका उद्देश्य औपचारिक प्रशिक्षण के माध्यम से भारत में राजनीतिक नेतृत्व के परिदृश्य को व्यापक बनाना और उन लोगों को शामिल करना है जो केवल राजनीतिक वंश से नहीं बल्कि सार्वजनिक सेवा के लिए योग्यता, प्रतिबद्धता और जुनून के माध्यम से आगे बढ़ते हैं। एसओयूएल आज की दुनिया में नेतृत्व की जटिल चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक अंतर्दृष्टि, कौशल और विशेषज्ञता लाता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स पर लिखा, "मैं 21 और 22 फरवरी को नई दिल्ली में एसओयूएल लीडरशिप कॉन्क्लेव आयोजित करने के लिए स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप को बधाई देता हूं। यह मंच नेतृत्व से संबंधित पहलुओं पर चर्चा करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को एक साथ लाता है। वक्ता अपनी प्रेरणादायी जीवन यात्रा और प्रमुख मुद्दों पर अपने दृष्टिकोण साझा करेंगे, जो विशेष रूप से युवा दर्शकों को आकर्षित करेगा। 

SOUL गुजरात में स्थापित लीडरशिप संस्थान

SOUL गुजरात में स्थापित एक प्रमुख लीडरशिप संस्थान है। यह संस्थान जनसेवकों को जनहित को लेकर सक्षम बनाएगा। इसका मकसद योग्य लोगों में ट्रेनिंग के जरिए राजनीतिक नेतृत्व को व्यापक बनाना है। इसका उद्देश्य उन लोगों को जोड़ना है, जो राजनीतिक परिवारों से ना होते हुए भी अपनी योग्यता, प्रतिबद्धता और जनसेवा के जरिए आगे बढ़ते हैं। यह संस्थान उनमें नेतृत्व से जुड़ी सोच, कौशल और विशेषज्ञता प्रदान करेगा जिससे वे आज की जटिल चुनौतियों को बेहतर तरीके से समझ कर उसका सामाधान कर सके।

यह भी पढ़ें : कौन हैं भारतवंशी काश पटेल, US सीनेट की मंजूरी के बाद मिलीं FBI की कमान

Published By : Nidhi Mudgill

पब्लिश्ड 21 February 2025 at 06:57 IST