विजयादशमी विजय और साहस का पर्व है, देश के शत्रुओं को पहचानना होगा, वो कितना भी बड़ा हो, जीत हमेशा सत्य की होगी- PM मोदी

दशहरे के खास मौके पर देश के अलग-अलग शहरों में रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन में दशहरा समारोह में शामिल हुए। इस बीच उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा विजयदशमी असत्य पर शाश्वत सत्य की जीत में अटूट विश्वास का प्रमाण है।

 
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विजयादशमी विजय और साहस का पर्व है, देश के शत्रुओं को..., PM मोदी | Image: ANI

दशहरे के खास मौके पर देश के अलग-अलग शहरों में रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन में दशहरा समारोह में शामिल हुए। इस बीच उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा "विजयदशमी के अवसर पर, मैं भगवान श्री राम, माता जानकी और बजरंगबली के चरणों में नमन करता हूँ।

मैं सभी देशवासियों को विजयदशमी की हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ। आज भारत का हर कोना, हर गाँव और हर शहर-भगवान राम की भावना से ओत-प्रोत है। पूरा देश रामलीला के रंग में डूबा हुआ है। देश भर में रामलीलाओं का मंचन हो रहा है। एक ऐसी परंपरा जो भगवान श्री राम के आदर्शों को जीवित रखती है। यह अत्याचार और आतंक के अंत की घोषणा है और असत्य पर शाश्वत सत्य की जीत में अटूट विश्वास का प्रमाण है।"

प्रभु राम के आदर्श मानवता के इतिहास में अतुलनीय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा “इस देश ने इसकी संस्कृति ने और इसके पूर्वजों ने हजारों वर्षों से प्रभु श्रीराम की उपासना की है। ये आस्था केवल इसलिए नहीं है कि श्रीराम ने राक्षस राज रावण का अंत किया था। ये आस्था इसलिए भी है क्योंकि प्रभु राम ने हमें ऐसे आदर्श दिए जो मानवता के इतिहास में अतुलनीय है। भगवान श्री राम ने अपने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन उन्होंने कभी भी सत्य और नीति का मार्ग नहीं छोड़ा।”

October 20, 2026

सत्ता का उद्देश्य शासन करना नहीं जन कल्याण करना हो

आगे उन्होंने कहा "रामराज्य अर्थात ऐसा शासन जहां किसी की प्रति भेदभाव न हो। जहां सबको न्याय मिले, जहां सबको सम्मान अवसर मिले। जहां सत्ता का उद्देश्य शासन करना नहीं जन कल्याण करना हो। इसलिए जनता को जनार्दन मानकर नागरिक देवो भव के मंत्र पर आगे बढ़ना है।

हमें अपनी क्षमताओं को पहचानना चाहिए, अपने संसाधनों पर भरोसा रखना चाहिए, अपने संकल्प को ताकत में बदलना चाहिए और अपनी कड़ी मेहनत से समाधान खोजना चाहिए। आज हमें भी इसी मंत्र को अपनाकर आगे बढ़ना है। हमने अपने सामने 'विकसित भारत' और 'आत्मनिर्भर भारत' का लक्ष्य रखा।"

शत्रुओं से मिलकर लड़ना होगा, जीत हमेशा सत्य की होगी- PM मोदी

पीएम मोदी ने कहा "संकट कितना भी बड़ा क्यों न हो, चुनौती कितनी भी कठिन क्यों न हो। हमें दूसरों के भरोसे नहीं बैठना है। हमें अपना सामर्थ्य पहचानना है। हमें संसाधनों पर विश्वास करना है। अपने संकल्प को शक्ति बनाना है और अपने परिश्रम से समाधान निकालना है, क्योंकि प्रभु श्रीराम ने हमें सिखाया कि रास्ते की कठिनाइयां हमारी यात्रा को रोक नहीं सकती। समुद्र सामने था, लंका दूर थी, लेकिन संकल्प अडिग था, इसलिए रामजी ने जनता की सामूहिक शक्ति को जगाया, जनभागीदारी को अपना संबल बनाया और असंभव लगने वाले लक्ष्य को संभव बनाया। यही सफलता का मूलमंत्र है।"

पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमें जनता को जनार्दन मानकर 'नागरिक देवो भव:' के मंत्र पर आगे बढ़ना चाहिए। गरीबों और वंचितों की सेवा सर्वोपरि होनी चाहिए। देश के मान-सम्मान को चोट पहुंचाने वाली ताकतें, समाज को बांटने वाले लोग और भारतीय संस्कृति से नफरत करने वाली मानसिकता देश की दुश्मन हैं।' 

October 20, 2026

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Published By : Sahitya Maurya

पब्लिश्ड 20 October 2026 at 18:53 IST