Petrol-Diesel Price Hike: जल्द बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, जनता पर पड़ेगी महंगाई की मार; जान लीजिए कारण
Petrol-Diesel Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से उछलकर 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। इसके बावजूद सरकार ने पिछले चार साल से पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखा।
Petrol-Diesel Price Hike: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव से अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल के दामों में भारी उछाल आया है। इसका असर देश की आम जनता पर तो अब तक नहीं पड़ा, लेकिन यह राहत अब जल्द ही खत्म हो सकती है। केंद्र सरकार के सूत्रों के अनुसार, देश में पेट्रोल और डीजल 15 मई से पहले महंगा हो सकता है। इसमें 5 से 7 रुपये का इजाफा होने की संभावना है।
तीन बड़ी तेल कंपनियां- इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम लगातार बढ़ते घाटे को अब और सहन करने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी की आशंका है।
हर महीने 30 हजार करोड़ का नुकसान
केंद्रीय सूत्रों का कहना है कि सरकारी तेल कंपनियों पर हर महीने लगभग 30,000 करोड़ रुपये का भारी घाटा हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत पिछले कुछ समय में 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है। इसके बावजूद सरकार ने पिछले चार साल से पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखा।
लगातार बढ़ रहा बोझ
इसके लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क को घटाया गया। पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क को 13 रुपये से घटकर 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपये से शून्य करके नुकसान को कम करने में मदद की है, जिससे केंद्र को भी राजस्व का नुकसान हुआ है। अब यह बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे कीमतों में संशोधन की संभावना है।
9 मई 2026 को पेट्रोल-डीजल के दाम:देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आज भी स्थिर बनी हुई हैं। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद तेल कंपनियों ने आज कोई बढ़ोतरी नहीं की है।
मुख्य शहरों के भाव (प्रति लीटर):
नई दिल्ली: पेट्रोल 94.72 रुपये, डीजल 87.62 रुपये
मुंबई: पेट्रोल 104.21 रुपये, डीजल 92.15 रुपये
कोलकाता: पेट्रोल 103.94 रुपये, डीजल 90.76 रुपये
चेन्नई: पेट्रोल 100.75 रुपये, डीजल 92.34 रुपये
बेंगलुरु: पेट्रोल 102.92 रुपये, डीजल 89.02 रुपये
हैदराबाद: पेट्रोल 107.46 रुपये, डीजल 95.70 रुपये
कीमतें विभिन्न राज्यों में स्थानीय टैक्स और शुल्क के कारण अलग-अलग रहती हैं। पिछले कई दिनों से दरें लगभग अपरिवर्तित हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम ऊंचे स्तर पर होने के कारण भविष्य में संशोधन की आशंका बनी हुई है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 9 May 2026 at 08:06 IST