संसद से भागा विपक्ष, वक्फ बिल की JPC रिपोर्ट पर उठाए थे सवाल, सरकार का पूरा जवाब सुने बगैर राज्यसभा से वॉकआउट

Parliament: राज्यसभा में गुरुवार को महाराष्ट्र से बीजेपी सांसद मेधा विश्राम कुलकर्णी ने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर संसद की संयुक्त समिति की रिपोर्ट पेश की।

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राज्यसभा से विपक्ष ने वॉकआउट किया। | Image: Sansad TV

Waqf Bill Rajya Sabha: आरोप लगाकर सच्चाई जानने से पहले ही विपक्ष के भागने की फितरत रही है, जो अक्सर संसद में देखी जाती है। गुरुवार को भी विपक्ष ने कुछ ऐसा ही किया। राज्यसभा में गुरुवार को वक्फ संशोधन विधेयक पर जेपीसी की रिपोर्ट पेश की गई। विपक्ष के सांसदों ने इसको लेकर सदन में खूब हंगामा किया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने रिपोर्ट को असंवैधानिक बताया तो दूसरे विपक्षी सदस्यों ने भी कई आरोप लगाए। हालांकि जब सरकार की तरफ से जवाब दिए जाने की बारी आई तो विपक्ष के सदस्यों ने राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया।

राज्यसभा में गुरुवार को महाराष्ट्र से बीजेपी सांसद मेधा विश्राम कुलकर्णी ने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर संसद की संयुक्त समिति की रिपोर्ट पेश की। राज्यसभा में उपराष्ट्रपति और सभापति जगदीप धनखड़ की अनुमति के बाद वक्फ बिल पर जेपीसी रिपोर्ट को पटल पर रखा गया। हालांकि विपक्ष के सांसदों का गुस्सा फूट पड़ा और जबरदस्त हंगामा हुआ। इसके चलते राज्यसभा की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। बाद में 11.20 पर कार्यवाही शुरू होने के बाद जेपीसी रिपोर्ट पर सदन में चर्चा चल रही है। हालांकि यहां से विपक्ष वॉकआउट कर चुका है।

वक्फ विधेयक पर जेपीसी रिपोर्ट को लेकर विपक्ष के आरोप

विपक्ष वक्फ विधेयक पर जेपीसी रिपोर्ट को असंवैधानिक और फर्जी बता रहा है। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाए कि वक्फ बोर्ड पर जेपीसी रिपोर्ट में कई सदस्यों की असहमति रिपोर्ट है। उन नोटों को हटाया गया है। हमारे विचारों को दबाया गया है, जो ठीक नहीं है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे लोकतंत्र विरोधी बताते हुए कहा कि असहमति रिपोर्ट को हटाने के बाद जो भी रिपोर्ट पेश की गई है, निंदा करते हैं। अगर रिपोर्ट में असहमति के विचार नहीं हैं, तो उसे वापस भेजकर दोबारा पेश किया जाना चाहिए।

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सदन में कहा- 'असहमति के हमारे पक्ष को नजरअंदाज कर दिया गया है। मैं जेपीसी का सदस्य हूं। हमने अपनी बात रखी थी, उसे कूड़ेदान में फेंक दिया गया। सरकार वक्फ की संपत्तियों पर दावा कर रही है। आज यह वक्फ है, कल ये आपका गुरुद्वारा, आपके मंदिर होंगे। आज आप वक्फ संपत्तियों पर कब्जा कर रहे हैं। बाद में गुरुद्वारा, चर्च और मंदिरों पर कब्जा कर लेंगे।'

टीएमसी की सांसद सागरिका घोष कहती हैं- 'हमने आज राज्यसभा में विरोध किया है, क्योंकि वक्फ विधेयक पर रिपोर्ट पेश की गई थी लेकिन कई विपक्षी सांसदों ने इस विधेयक के खिलाफ असंगत टिप्पणियां दी थीं। इन असंगत टिप्पणियों को रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया है। ये विपक्ष की आवाज पर सेंसरशिप है।' JPC की रिपोर्ट पर सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा, 'हम इस बिल का विरोध करते हैं। पूरा विपक्ष एक साथ है। सत्ता पक्ष के भी कुछ गुट इस मुद्दे पर हमारे साथ हो सकते हैं।'

सत्तापक्ष के सदस्यों ने दिया जवाब

विपक्ष के आरोपों के बाद सत्तापक्ष के सदस्यों ने राज्यसभा में जवाब दिया। केंद्रीय केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष झूठे आरोप लगा रहा है। कोई नियम नहीं तोड़ा गया है। रिजिजू ने कहा कि ये सदन को गुमराह नहीं कर सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आप किस आधार पर ये दावा कर रहे हैं कि असहमति जताने वाले नोट हटा दिए गए हैं? जेपीसी के सभी सदस्यों ने रिपोर्ट में भाग लिया, ये दुर्भाग्यपूर्ण है।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष पर राज्यसभा में कहा- 'विपक्ष का उद्देश्य चर्चा करना नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से अपना प्वाइंट स्कोर करना है। संसदीय कार्य मंत्री (किरेन रिजिजू) ने सदन को बताया है कि रिपोर्ट से कोई भी बात हटाई नहीं गई है। फिर भी विपक्ष ने बहुत गैर जिम्मेदाराना व्यवहार किया है, ये तुष्टिकरण की राजनीति है। कुछ लोग देश को तोड़ने की साजिश रच रहे हैं और जो लोग देश को खंडित करने का काम कर रहे हैं, कांग्रेस और विपक्ष उनके हाथ मजबूत करने का काम कर रहे हैं।'

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Published By : Dalchand Kumar

पब्लिश्ड 13 February 2025 at 12:57 IST