26 परिवारों का दर्द जब दुनिया के मंच पर... BRICS में गूंजा पहलगाम हमले का मुद्दा, तो ऐशन्या ने PM का जताया आभार, पाकिस्तान को जमकर लताड़ा
ऐशन्या द्विवेदी ने प्रधानमंत्री मोदी के रुख को बड़ा संदेश बताया है। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहलगाम हमले और 26 पीड़ित परिवारों का मुद्दा उठाया जाना सिर्फ चर्चा नहीं, बल्कि आतंक के खिलाफ भारत के सख्त रुख का संकेत है।
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गौरव त्रिवेदी की रिपोर्ट
Pahalgam Attack Victim Shubham Dwivedi's Wife: आतंकवाद के खिलाफ भारत का कड़ा प्रहार अब सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े मंचों पर भी इसकी गूंज सुनाई दे रही है। नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले का मुद्दा उठाए जाने पर इस आतंकी हमले में मारे गए कानपुर के शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशन्या ने खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि जब 26 पीड़ित परिवारों का दर्द दुनिया के इतने बड़े मंच पर पहुंचता है, तो उसका संदेश बहुत गहरा और दूरगामी होता है।
ऐशन्या द्विवेदी ने प्रधानमंत्री मोदी के रुख को बड़ा संदेश बताया है। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहलगाम हमले और 26 पीड़ित परिवारों का मुद्दा उठाया जाना सिर्फ चर्चा नहीं, बल्कि आतंक के खिलाफ भारत के सख्त रुख का संकेत है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद की निंदा की। आतंक को समर्थन देने वाले देशों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सख्त संदेश जाना अहम है।
हमें अकेला नहीं छोड़ा गया- ऐशन्या
ऐशन्या ने रिपब्लिक भारत से बातचीत में कहा, 'एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहलगाम जैसी घटना को उठा रहे हैं। आतंकवाद के खिलाफ बात कर रहे हैं। यह कहीं न कहीं 26 परिवारों के लिए बताता है कि वह उनके साथ खड़े हैं। हमें अकेला नहीं छोड़ा गया है।'
'ब्रिक्स में पहलगाम हमले की बात करना देश की मजबूती…'
उन्होंने आगे कहा, ‘आमतौर पर किसी घटना का जिक्र कुछ दिन ही होता है और उसे भुला दिया जाता है। आज पहलगाम हमले को एक साल से ज्यादा का समय हो गया है। लेकिन आज भी उस बारे में बात होती है। ब्रिक्स जैसे बड़े सम्मेलन में जिसमें अलग-अलग देशों के नेता शामिल हुए हैं, वहां आतंकवाद के बारे में बात करना यह हमारे देश की मजबूती भी दिखाता है। ब्रिक्स में पहलगाम हमले की बात करना, पीड़ितों की बात करना, यह बोलना की हम आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी रखेंगे और इसमें बाकी देशों की एकजुटता दिखाना अपने आप में बहुत बड़ी बात है।’ उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को लगता है कि उसे फंडिंग मिलती रहेगी। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स में साफ संदेश दे दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस है।
ब्रिक्स में पहलगाम हमले की निंदा
बता दें कि नई दिल्ली घोषणापत्र में ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों की स्पष्ट रूप से निंदा की है। ब्रिक्स नेताओं ने पिछले साल जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की भी कड़े शब्दों में निंदा की है। ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों की कड़ी निंदा की, फिर चाहे उसका मकसद, जगह या उसे अंजाम देने वाले कोई भी हों। इस समूह ने जम्मू-कश्मीर में 22 अप्रैल, 2025 को हुए आतंकवादी हमले की निंदा की, जिसमें 26 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।
आतंकवाद के लिए फंडिंग रोकने पर बनी सहमति
घोषणापत्र में सीमा-पार आतंकवाद, आतंकवाद के लिए फंडिंग और आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह मिलने जैसी समस्याओं से निपटने के संकल्प को दोहराया गया। साथ ही, इस बात पर जोर दिया गया कि आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। ब्रिक्स ने आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस (सख्त रवैया) अपनाने, इसमें शामिल लोगों की जवाबदेही तय करने और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित सभी आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने का आह्वान किया। समूह ने संयुक्त राष्ट्र के ढांचे के तहत 'अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक कन्वेंशन' को जल्द अंतिम रूप देने और उसे अपनाने की भी मांग की।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 13 September 2026 at 12:06 IST