'मोहन यादव मामले में इतना शोर करके क्या छिपाना चाहते हो?', ओपी राजभर ने अखिलेश यादव को घेरा, लगाए गंभीर आरोप
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर लगे आरोपों को बीजेपी की साजिश बताया है। इस पर यूपी के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने उन पर निशाना साधा है।
- भारत
- 4 min read
OP Rajbhar attack Akhilesh Yadav: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर जमीन से जुड़े आरोपों को लेकर यूपी में राजनीति तेज हो रही है। अब सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को निशाने पर लिया है। उन्होंने सपा प्रमुख पर हमला बोलते हुए पूछा कि वे इस मामले पर इतना हल्ला क्यों कर रहे हैं? इस दौरान राजभर ने अखिलेश पर गंभीर आरोप भी लगाए।
'आप क्यों घबरा गए?…'
यूपी कैबिनेट में मंत्री ओपी राजभर ने X पर एक पोस्ट में लिखा, "अखिलेश यादव जी, माननीय मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के संबंध में इतना हल्ला क्यों कर रहे हो? इतना शोर करके छुपाना क्या चाहते हो आप? ऐसा क्यों चाहते हैं कि दुनिया वही देखे जो आप दिखाएं? अब बताता हूं, आपकी पीड़ा क्या है? आप क्यों घबरा गए? कैसे आपके निवेश पर चोट पहुंच गई और क्यों आप बौखला गए?"
उन्होंने दावा किया कि एमपी कैडर के IAS भरत यादव जो राज्य सड़क विकास निगम के चेयरमैन हैं, उनसे आपने अपना रिश्ता छिपा लिया। अखिलेश जी भरत यादव आपके "कुबेर" चंद्रपाल यादव के दामाद हैं। चंद्रपाल यादव सपा के कद्दावर नेता और पार्टी कोषाध्यक्ष रहे हैं। उम्मीद है कि आपको याद आ गया होगा। मोहन यादव के नाम पर हुए एक फर्जी खुलासे से आप डर गए? मध्य प्रदेश में हाईवे का रास्ता कहां से जाएगा- यह भरत यादव तय करते हैं या उन्हें इस बात की जानकारी होती है। जो आपके हैं, अपने हैं, खास हैं।
‘अखिलेश जी आपकी तिलमिलाहट बता रही है…’
राजभर ने सपा अध्यक्ष को घेरते हुए आगे कहा कि इस मामले में अखिलेश जी आपकी तिलमिलाहट बता रही है कि भरत यादव ने आपसे और अपने लोगों से वहां की जमीनों में भारी निवेश करवाया है।
उन्होंने हमला बोलते हुए कहा कि जमीन 'खाने' के मामले में सैफई परिवार बहुत अनुभवी है। इसे पूरा उत्तर प्रदेश जानता है। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे में सैफई परिवार ने यही किया था। फिरोजाबाद से इटावा तक जमीनें खरीदी गईं और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के रूट को मनमाने तरीके से मोड़ा गया। निजी फायदे के लिए सैफई तक अनावश्यक रूप से रूट का मार्ग घुमाकर एक्सप्रेसवे की दूरी 30 किमी और ज्यादा बढ़ा दी गई। औने-पौने दाम में जमीनों को खरीदकर भारी भरकम मुआवजा वसूला गया।
राजभर ने कहा कि गोमती रिवर फ्रंट की रिपोर्ट जारी करने के बाद अखिलेश को डर बैठ गया है कि कहीं मध्य प्रदेश एक्सप्रेसवे रिपोर्ट जारी न हो जाए, जिससे उनका निवेश डूब जाए। जांच एजेंसियों को पता लगाना चाहिए कि मध्य प्रदेश में उत्तर प्रदेश के कौन-कौन से सफेदपोश निवेशक शामिल हैं।
इससे पहले अखिलेश यादव ने इस मामले में एमपी के सीएम मोहन यादव का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि मोहन यादव को बदनाम करने के लिए BJP ने साजिश रची है। भाजपा रास्ता ढूंढ रही है कि 3 मुख्यमंत्री कैसे बदलें।
आरोपों पर CMO की आई सफाई
CM मोहन यादव और उनके परिवार के लोगों पर सरकारी योजनाओं का फायदा उठाने के लिए उज्जैन में बड़े पैमाने पर जमीनें खरीदने का आरोप लगा है। इन आरोपों पर मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने सफाई भी जारी की। बयान में आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए साफ कहा गया कि दिसंबर 2023 में पद संभालने के बाद से सीएम मोहन यादव या उनके परिवार के किसी भी सदस्य ने कोई नई जमीन नहीं खरीदी है। उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर भी कोई जमीन नहीं ली गई है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 24 June 2026 at 10:56 IST