Pune Building Collapse: बिल्डिंग हादसे में मलबे से एक और शव बरामद, मृतकों का आंकड़ा बढ़कर हुआ 9, 82 घंटों के बाद रेस्क्यू खत्म; 23 बचाए गए
पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ स्थित मोशी इलाके में हुए बिल्डिंग हादसे में मलबे से एक और शव बरामद किया गया है। हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। 23 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
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महाराष्ट्र के पुणे शहर के पास मोशी में लैंडफिल साइट पर हुए हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई। रेस्क्यू के आखिरी दिन मलबे से एक और शव बरामद किया गया। बीते चार दिनों से जारी रेस्क्यू ऑपरेशन को अब बंद कर दिया गया। करीब 82 घंटे तक युद्ध स्तर पर चलाए गए बचाव कार्य में 23 लोगों को बचाया गया है। NDRF, स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ सेना भी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी थी।
पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ स्थित मोशी में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की तीन मंजिला प्रशासनिक इमारत तब गिरी, जब इसके ऊपर पास में जमा कचरे का विशाल ढेर आ गिरा।बचाव अभियान के चौथे दिन मलबे से एक और शव बरामद किया गया, जिसके बाद मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 9 तक पहुंच गया। यह भीषण हादसा आठ जुलाई को दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ था। हादसे के तुरंत बाद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
देर रात मलबे से बरामद हुआ और शव
इस बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण अभियान में बचाव दल ने इमारत की ऊपरी कंक्रीट की छत को लगभग तोड़ दिया है, ताकि मलबे के नीचे दबे लोगों तक पहुंचा जा सके। NDRF और सेना सहित अन्य एजेंसियों द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान में आधुनिक क्रेन और विशेष रूप से कंक्रीट तोड़ने वाली मशीनों सहित करीब 15 खुदाई उपकरणों को लगाया गया था। बीती रात करीब 1 बजे से मलबे से एक और शव बरामद हुआ।
82 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
मलबे में जिंदगी की तलाश के लिए करीब 82 घंटे तक युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। 23 लोग इमारत के भीतर जिंदा निकाला गया, जिनता अस्पताल में फिलहाल इलाज चल रहा है। हादसे के दौरान इमारत में 30 से ज्यादा लोग मौजूद थे। NDRF शनिवार देर रात तक इस बचाव अभियान में लगी रही। अब रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया गया है।
कंपनी ने किया मुआवजे का ऐलान
इस घटना में जिन लोगों की मौत हुई है उनके परिवार वालो को कंपनी की तरफ से आर्थिक मदद का ऐलान किया गया है। जिस कंपनी में मृत लोग काम करते थे कंपनी के तरफ से 25 लाख रुपया और परिवार वालों को नौकरी भी दिया जाएगा। वहीं, पिंपरी चिंचवड महानगरपालिका की तरफ ऐलान किया गया है कि मृत परिवार वालों को 10 लाख रुपया दिया जाएगा।
कैसे हुआ हादसा
पिंपरी-चिंचवड़ औद्योगिक नगर क्षेत्र के मोशी में कचरे से बिजली बनाने वाले कारखाने के ऊपर बनी एक तीन मंजिला इमारत बुधवार दोपहर को उस समय ढह गई थी, जब पुराने कचरे के ढेर का एक बड़ा हिस्सा उस पर आ गिरा। अधिकारियों के मुताबिक, इमारत बहुत ही अजीब तरीके से ढही है, जिसे तकनीकी भाषा में ‘केंटिलीवर कोलैप्स’ कहते हैं। इसका मतलब यह है कि इमारत का एक हिस्सा गिरने की वजह से छतें ताश के पत्तों की तरह एक-दूसरे पर सपाट नहीं गिरी हैं, बल्कि बीच में ही तिरछी होकर हवा में लटक गई हैं। इसके अलावा, ढही हुई बिल्डिंग के चारों तरफ कचरे और मलबे का बड़ा ढेर लग गया, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में इतना समय लग गया।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 12 July 2026 at 08:43 IST