अपडेटेड 25 March 2026 at 19:21 IST

ईरान युद्ध पर सर्वदलीय बैठक खत्म, विपक्षी नेताओं के सवालों का विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दिया जवाब; LPG-OIL संकट पर क्या फैसला हुआ?

ईरान युद्ध पर 1 घंटे 40 मिनट तक चली सर्वदलीय बैठक में केंद्र सरकार ने देश को एक और आश्वासन दिया है। सरकार ने कहा है कि भारत को इस समय ऊर्जा की कोई कमी नहीं है।

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Government Calls All-Party Meeting On West Asia Crisis | Image: ANI

ईरान युद्ध पर 1 घंटे 40 मिनट तक चली सर्वदलीय बैठक में केंद्र सरकार ने देश को एक और आश्वासन दिया है। सरकार ने कहा है कि भारत को इस समय ऊर्जा की कोई कमी नहीं है।

मीटिंग के दौरान पाकिस्तान की मध्यस्थता की खबरों पर सरकार ने कहा कि पाकिस्तान ऐसा हमेशा से कर रहा है। इसमें कुछ नई बात नहीं है।

किरेन रिजिजू ने क्या कहा?

किरेन रिजिजू ने बताया कि आज ऑल पार्टी मीटिंग बुलाकर सरकार ने बहुत डिटेल में विपक्ष और सरकार के साथियों के साथ बैठक की। भारत पर किस तरीके से प्रभाव पड़ेगा और उसके लिए क्या कदम सरकार ने उठाए हैं, ये विपक्ष के साथियों ने पूछा। विपक्ष ने जो भी जानकारी चाही, उसका जवाब सरकार ने दिया। विपक्ष ने कहा है कि जो परिस्थिति हैं उसमे सब साथ होकर काम करेंगे।

उन्होंने आगे बताया कि विपक्ष की मांग पर सरकार ने पर्याप्त रूप से जानकारी दी है। सब दल के लोगों ने इसमें हिस्सा लिया है। सभी प्रमुख पार्टियों के प्रतिनिधि ने इसमें हिस्सा लिया। सिर्फ तृणमूल कांग्रेस ने इस मीटिंग में हिंसा नहीं लिया। सभी राजनैतिक दलों ने सबने ऑल पार्टी मीटिंग में हिस्सा लिया। सभी विपक्षी पार्टियों की ओर से भी मुझे नजर आया कि हम एकजुट रहेंगे।

विपक्षी पार्टियों ने कहा शुक्रिया

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने आगे बताया कि सरकार की तरफ से, जितने भी सवाल और जितनी भी उलझनें थीं, उन सभी को सरकार ने साफ तौर पर समझाया। मीटिंग के आखिर में विपक्षी पार्टियों ने एक बहुत ही अहम बात कही: उन्होंने इस सर्वदलीय बैठक बुलाने के लिए सरकार का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि ऐसी मुश्किल और चुनौतीपूर्ण स्थिति में, हम सभी को एक साथ खड़ा होना होगा। PM मोदी ने संसद के जरिए यह अपील की है कि किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में, भारतीय संसद को एक साथ मिलकर खड़ा होना चाहिए। मुझे लगता है कि मीटिंग के आखिर में अपनी बात कहकर विपक्षी पार्टी ने एक समझदारी दिखाई है; उन्होंने कहा कि किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में, वे सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के साथ खड़े रहेंगे। कई सदस्य होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते गैस और पेट्रोलियम की सप्लाई के बारे में विस्तार से जानना चाहते थे, और वे सभी इस बात से संतुष्ट थे कि भारत ने पहले ही चार जहाज सुरक्षित कर लिए हैं। इस तरह, विपक्षी सदस्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से संतुष्ट थे।

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Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 25 March 2026 at 19:10 IST