अपडेटेड 12 January 2026 at 22:08 IST
Nipah Virus: बंगाल में निपाह वायरस की एंट्री? 2 संदिग्ध केस मिलने से हड़कंप, केंद्र ने भेजी टीम; क्या बोले स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा
Nipah Virus: पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले पाए गए हैं। इसके बाद से केंद्र सरकार अलर्ट पर है।
Nipah Virus: बंगाल में निपाह वायरस की आहट से सनसनी फैल गई है। एम्स कल्याणी में स्थित ICMR के वायरस रिसर्च डिजीज लैब में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले पाए गए हैं। इसकी तेजी से फैलने की क्षमता को देखते हुए केंद्र सरकार अलर्ट पर है। पूरे मामले को गंभीरता और प्राथमिकता पर रखा गया है। साथ ही राज्य में स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति पैदा हो गई है।
संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने ममता सरकार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने खुद मुख्यमंत्री ममता से फोन पर बात की और हालात की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने तकनीकी और लॉजिस्टिक सहयोग का भरोसा दिया।
निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले मिले- नड्डा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि कल यानी 11 जनवरी को AIIMS कल्याणी में स्थित लैब में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले मिले हैं। निपाह वायरस एक गंभीर बीमारी है जो बहुत तेजी से फैलती है। ऐसे में इसकी रोकथाम के लिए तुरंत समन्वित कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
केंद्र ने बनाई एक्सपर्ट्स की टीम
उन्होंने आगे कहा, 'इन मामलों की जानकारी मिलते ही भारत सरकार के स्वास्थ्य सचिव ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और प्रधान सचिव स्वास्थ्य के साथ चर्चा की। पश्चिम बंगाल को सहायता देने के लिए और प्रकोप को रोकने के लिए तुरंत ही नेशनल ज्वाइंट आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम बनाई गई है। जिसमें निम्न संस्थाओं के विशेषज्ञों को भी हमने जोड़ा है।'
ममता सरकार को दिए गए निर्देश
नड्डा ने कहा कि भारत सरकार इस घड़ी में पश्चिम बंगाल सरकार के साथ दृढ़ता के साथ खड़ी है। आज ही मैंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बातचीत की है और उन्हें हमने कहा है कि वे अपनी विशेषज्ञ टीम को निर्देशित करें कि वे सक्रिय रूप से भारत सरकार की टीम के साथ मिलकर इस रोकथाम में अपनी पूरी ताकत लगाएं।' इसके अलावा मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भी पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया गया है।
जमीनी स्तर पर काम जारी- नड्डा
जेपी नड्डा ने बताया कि सीएम ममता बनर्जी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वे सक्रिय हैं, उन्होंने विभाग को सक्रिय होने के निर्देश दिए हैं। इस तरह से भारत सरकार और प्रदेश सरकार दोनों मिलकर निपाह वायरस को काबू में करने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रही हैं।'
क्या है निपाह वायरस?
WHO की वेबसाइट के मुताबिक, निपाह वायरस (NiV) एक जूनोटिक वायरस है (यह जानवरों से मनुष्यों में फैलता है) और दूषित भोजन के जरिए या सीधे लोगों के बीच भी फैल सकता है। संक्रमित लोगों में यह स्पर्शोन्मुख (सबक्लिनिकल) संक्रमण से लेकर तीव्र श्वसन बीमारी और घातक एन्सेफलाइटिस तक कई प्रकार की बीमारियों का कारण बनता है। इसके लक्षण दो से तीन दिन में दिखने लगते हैं। शुरुआती लक्षण बुखार, सिर दर्द और सांस लेने में परेशानी होने लगती है।
कोरोना वायरस से ज्यादा खतरनाक
- निपाह वायरस कोविड 19 की तरह तेजी से नहीं फैलता है। लेकिन कोरोना की तुलना में यह वायरस अधिक खतरनाक है।
- मनुष्यों में निपाह वायरस का संक्रमण कई प्रकार की बीमारियों का कारण बनता है, जिसमें बिना लक्षण वाले संक्रमण (सबक्लिनिकल) से लेकर तीव्र श्वसन संक्रमण और घातक एन्सेफलाइटिस शामिल हैं।
- इस वायरस से संक्रमित होने पर 40% से 75% लोगों की मृत्यु होने का अनुमान है।
- निपाह वायरस जानवरों (जैसे चमगादड़ या सूअर) या दूषित खाद्य पदार्थों से मनुष्यों में फैल सकता है और सीधे इंसान से इंसान में भी फैल सकता है।
- टेरोपोडिडे परिवार के फ्रूट चमगादड़ निपाह वायरस के नैचुरल होस्ट हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, इससे पहले 2001 में बंगाल के सिलिगुड़ी में निपाह से संक्रमित 66 में से 45 की मौत हो गई थी। जबकि 2007 में राज्य के नदिया जिले में 5 लोग संक्रमित हुए और सभी की मृत्यु हो गई थी।
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 12 January 2026 at 22:05 IST