NEET Re-examination: परीक्षा का कोई शुल्क नहीं, 14 जून तक एडमिट कार्ड... शिक्षा मंत्री ने बताया नीट एग्जाम का पूरा प्लान, पेपर लीक पर क्या बोले?
NEET-UG पेपर लीक मामले पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। एडमिट कार्ड, कंप्यूटर बेस्ड पेपर, पसंदीदा परीक्षा सेंटर से लेकर NTA को सुधारने के लिए अंतिम पायदान तक। जानें सरकार का पूरा एक्शन प्लान क्या है?
Dharmendra Pradhan Press Conference: NEET-UG पेपर लीक के बाद बढ़ते विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की हैं। उन्होंने साफ कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने घोषणा की कि छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए 12 मई को हुई परीक्षा के प्रभावित हिस्सों को रद्द कर दिया गया है। अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित की करने का फैसला किया है।
तुरंत CBI जांच और जीरो टॉलरेंस- शिक्षा मंत्री
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने साफ कहा कि पेपर लीक की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत सीबीआई जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति 'जीरो एरर' (Zero Error) की है और NTA के सिस्टम में सुधार की भारी आवश्यकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि NTA को सुधारने के लिए सरकार अंतिम पायदान तक जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने कि बड़े ऐलान
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्टूडेंट्स के हित में कई बड़े ऐलान किए हैं।
नि:शुल्क परीक्षा: दोबारा होने वाली किसी भी परीक्षा के लिए छात्रों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
पसंदीदा सेंटर: छात्रों को अपनी पसंद के शहर में परीक्षा देने का मौका मिलेगा।
एडमिट कार्ड: नई परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे।
CBT मोड: शिक्षा मंत्री ने बताया कि अगले साल से NEET परीक्षा 'कंप्यूटर बेस्ड' (Computer Based Test) मोड में आयोजित की जाएगी।
किसी स्टूडेंट के साथ अन्याय नहीं होगा- धर्मेंद्र प्रधान
धर्मेंद्र प्रधान ने आगे कहा कि, 'हम इस घटना से बेहद दुखी और चिंतित हैं। मैं छात्रों और समाज को विश्वास दिलाता हूं कि सरकार मेधावी छात्रों के साथ है और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।' सुरक्षा के मोर्चे पर उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री ने खुद सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे एक मजबूत निगरानी सिस्टम (Surveillance System ) बनाएं। ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
Published By : Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड 15 May 2026 at 11:14 IST